
शिमला- जसपाल ठाकुर
प्रदेश में अब टैक्स हाट के माध्यम से सभी हितधारकों की कर से संबंधित जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समयबद्ध उचित तरीके से निष्पादन हो सकेगा।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सचिवालय में आबकारी एवं कराधान विभाग के टैक्स हाट कार्यक्रम का आगाज किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स हाट कर अनुपालन में सुधार के लिए अग्रणी तंत्र है। कर राष्ट्र के विकास एवं समृद्धि में बहुत अहम भूमिका निभाता है। राजस्व के बिना कोई भी प्रदेश समृद्ध नहीं बन सकता।
विभाग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का राजस्व वर्ष 1974-75 में 11 करोड़ रुपये से बढ़कर 2020-21 में 7044 करोड़ रुपये हो गया है। टैक्स हाट की घोषणा 2021-22 की बजट घोषणा थी। इसे आज पूरा कर लिया गया है।
सरकार ने जीएसटी में व्यापारियों को समय-समय पर कई छूट प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान सरकार ने छोटे व मध्यम दर्जे के व्यापारियों को रिटर्न भरने की समयसीमा में भी छूट प्रदान की थी।
भविष्य में भी विभाग राजस्व संग्रहण व व्यापारी वर्ग की सुविधा की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग के लोगो, टि्वटर, फेसबुक पेज व विभाग की यात्रा पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया।
कारोबारी आनलाइन उठा सकेंगे समस्याएं
अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा ने कहा कि टैक्स हाट कार्यक्रम के तहत हितधारकों की समस्याओं का समाधान तीन चरणों में किया जाएगा।
करदाता अपनी समस्या एवं जिज्ञासाओं को विभाग की वेबसाइट के माध्यम से उठा सकते हैं। इसका समाधान संबंधित अधिकारी तय अवधि में करेंगे।
आफलाइन माध्यम से समय-समय पर जिला एवं जोनल स्तर पर करदाताओं के साथ संवाद स्थापित कर शिकायतों का निवारण किया जाएगा।
विभाग के आयुक्त यूनुस ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
अतिरिक्त आयुक्त सुनील शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
