
चम्बा- भूषण गुरुंग
दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी ने जहां आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है वहीं, पर्यटन स्थल जोत इससे प्रभावित नहीं हुआ है। जिला चम्बा के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जोत पर सीजन की पाचबी बर्फबारी होने के कारण यहाँ पर टूरिस्टों का आना बदस्तूर जारी है ।
यहाँ खजियार से वया जोत मे अभी तक लगभग एक फुट के करीब बर्फबारी हो चुकी है । वया डलहौजी से फिसलन ज्यादा होने के कारण अधिक तर टूरिस्ट वया चम्बा या वया चुवाड़ी होकर बर्फ का लुत्फ लेने के लिए आ रहे है। यहाँ पर सड़को मे बर्फ न जमे उसके लिए दो बलडोजर रात दिन बर्फ को साफ करने के लिये लगे है ताकि बाहर से आने वाले टूरिस्टों को कोई दिक्कत पेश न आए। एक डोजर चम्बा रोड, एक डोजर चुवाड़ी रोड़ में लगाया गया है।
जब इस बाबत यहाँ के स्थानीय दुकानदार कुमार और पवन टंडन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहाँ पर हर रोज सो से ज्यादा टूरिस्टों की गाड़िया आ जा रही है । चारो और बर्फ की पहाड़ियां ओर हरे देवदार के पेड़ टूरिस्टों को अपनी और आकर्षित करती है। खास बात तो यह है कि यहां पर लोकल खोए वाली बर्फी बहुत ही महशूर है ।
यहाँ के स्थानीय दुकानदार कुमार और पवन टण्डन ने बताया की उनके यहाँ पर दो प्रकार की बर्फी बनाई जाती है। एक कम चीनी वाली और एक ज्यादा चीनी वाली! दोनो का अलग अलग रेट हैं । यहाँ पर जो भी बाहर से पर्यटक आते है वो यहाँ की महशूर खोए वाली बफी और यहाँ कड़ी चावल खाने को नही भूलते है। यहाँ हर रोज पूरे जोत में सौ से दो सौ किलो तक बर्फी हाथों हाथ बनते ही बिक जाती है। यहाँ की खाशियत यही है। जोत बर्फ और बर्फी के नाम से बहुत महशूर है। इसी लिये हर कोई जोत की और खिंचे चले आते है।
