
शिमला-जसपाल ठाकुर
हिमाचल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू ने कहा है कि जिलों के थानों में थाना प्रभारी (एसएचओ) की तैनाती राजनीतिक सिफारिश के आधार पर नहीं बल्कि मेरिट पर की जाएगी। रिश्वत लेने व विजिलेंस टीम को कार से कुचलने का प्रयास करने के आरोपित नादौन थाना के निलंबित एसएचओ नीरज राणा के मामले में भी उन्होंने कड़ा संज्ञान लिया है। डीजीपी ने राणा को पकड़ने के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) हमीरपुर इसके मुखिया होंगे, जबकि ऊना के एसपी उन्हें सहयोग करेंगे। इसकी वजह यह है कि आरोपित नीरज ऊना जिले के हरोली का रहने वाला है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैैं कि एसपी हमीरपुर केस का ब्योरा आर्थिक अपराध विंग के एसपी को भेजेंगे। इस विंग के मुखिया गौरव सिंह हैं।
वह इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजेंगे ताकि भ्रष्टाचार के मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मिसाल बने। डीजीपी ने वीरवार को वीडियो कान्फ्रेंङ्क्षसग के माध्यम से एसएचओ, एसपी, आइजी समेत आला अधिकारियों को संबोधित करने के बाद यह निर्देश जारी किए।
क्या बरतें सावधानी
डीजीपी ने कहा कि एसपी जब भी जिलों में पुलिस अधिकारी की तैनाती करें तो उनके आचरण का ध्यान रखें। पेशेवर पुलिस अधिकारियों को मेरिट आधार पर तैनाती दें। वे पहले तैनात रहे एसपी से संपर्क में रहें। राज्य पुलिस मुख्यालय ऐसे अधिकारियों का पूल तैयार करेगा, जिनका आचरण और पूर्व का रिकार्ड ठीक रहा है, ताकि जिलों के एसपी अहम पदों पर तैनाती से पूर्व सलाह ले सकें। जिलों में सब इंस्पेक्टर के खाली पद प्राथमिकता के आधार पर भरे जाएं। एसपी जिलों में एसआइयू की कार्यप्रणाली पर नजर रखें।
एसएचओ की संपत्ति पर नजर
उन्होंने आदेश दिया कि एसपी सुनिश्चत करें कि एसएचओ नियमित आधार पर आयकर रिटर्न भर रहे हैं या नहीं। नारकोटिक्स ड्रग्स के एंगिल से संवेदनशील क्षेत्रों में अहम पदों पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों का ड्रग टेस्ट करवाएं।
