
व्यूरो रिपोर्ट
नगर परिषद जोगेंद्रनगर में सीवरेज कार्य में फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नप के पदाधिकारी विभाग के कार्यलय के बाहर धरने पर बैठ गए। आरोप है कि लाखों रुपये की धनराशि जारी करने के बाद भी शहरी क्षेत्र में करीब दो सौ परिवार सीवरेज सुविधा से वंचित हैं।
इस कारण नगर परिषद अध्यक्ष भी धरने पर बैठ गईं। नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय घरवाल ने कहा स्थानीय विधायक की भी प्रशासन पर न के बराबर पकड़ है। जिस कारण जोगेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विभाग जनता के विकास कार्यों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसी का उदाहरण जलशक्ति विभाग जोगेंद्रनगर है।
चार मई 2000 से सीवरेज व्यवस्था शुरू की गई तब से लेकर आज तक 2,12,95200 रुपये जलशक्ति विभाग को नगर परिषद जोगेंद्रनगर द्वारा जारी किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में 47 लाख रुपये सीवरेज व्यवस्था से जोड़ने के लिए आठ महीने पहले जारी किए गए हैं। लेकिन जलशक्ति विभाग ने आठ महीने में मात्र एक घर को सीवरेज से जोड़ने के लिए 47 फीट सीवरेज लाइन डाली है जो कि जलशक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाती है।
सांकेतिक धरने के जरिये प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक व जलशक्ति विभाग को यह चेताया गया है कि शुक्रवार तक विभिन्न वार्डों में सीवरेज का कार्य यदि जलशक्ति विभाग ने शुरू नहीं किया तो जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का कार्यालय में घेराव किया जाएगा। इस सांकेतिक धरने में नगर परिषद की अध्यक्ष ममता कपूर, वार्ड पार्षद शीला भी मौजूद रहीं।
