
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को धर्मगुरु दलाईलामा से मुलाकात की। इस दौरान कोविड नियमों का पूरी तरह पालन किया गया। यह मुलाकात सुबह आठ बजे मैक्लोडगंज में हुई। जिला कांगड़ा के पांच दिवसीय दौरे पर आए भागवत दलाईलामा से उनके आवास पर मिले।
यह मुलाकात करीब एक घंटे की हुई। धर्मगुरु दलाईलामा के साथ हुई इस बैठक में भारत तिब्बत सहयोग मंच के मार्गदर्शक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इन्द्रेश कुमार भी मौजूद रहे। इस बैठक में तिब्बत मामले को लेकर भी चर्चा हुई। मोहन भागवत ने तिब्बत के प्रति चीन के रुख को लेकर बातचीत की।
धर्मगुरु दलाईलामा ने अफगानिस्तान, सीरिया और ईराक में हो रहे मानवीय मूल्यों के हनन पर विचार साझा किए। इस मुलाकात के बाद 11 बजे की फ्लाइट से सरसंघचालक मोहन भागवत लौट गए। कांगड़ा के दौरे के दौरान मोहन भागवत कई बैठकों में शामिल हुए। उन्होंने चीन और पाकिसतान पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशान साधा। देश की सुरक्षा का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि भारत अपने दुश्मनों को हल्के में न लें।
अपने निवास में ही रह रहे धर्मगुरु
वर्तमान में दलाईलामा की उम्र करीब 86 वर्ष है। दलाईलामा ने जनवरी 2020 में कोरोना संक्रमण फैलने के चलते अपने निवास स्थान मैक्लोडगंज से बाहर निकलना बंद कर दिया था। जनवरी से वह अपने निवास से दुनिया भर में ऑनलाइन तरीके से कार्यक्रमों से जुड़ रहे हैं। धर्मगुरु सप्ताह में दो बार पब्लिक मीटिंग के जरिये समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करते थे। अभी पब्लिक मीटिंग को नहीं खोला गया है। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कुछ दिन पहले दलाईलामा से मुलाकात की थी जिसके बाद उन्हें चार दिन आइसोलेशन में रहना पड़ा था।
