
परागपुर-आशीष कुमार
देश के प्रथम धरोहर गाँव परागपुर के ऐतिहासिक तालाब का जो आज अनदेखी का शिकार हो गया है। जिसका निमार्ण लगभग 1868 से पहले का माना जाता है। कभी अपने सोंदर्य के लिये प्रसिद्ध तालाब आज गंदगी का शिकार हो रहा है ।।
तालाब में फैली प्लास्टिक की बोतले गंदे लिफाफे दर्शाते हैं कि तालाब बहूत दयनीय हालत में है।आलम यह है कि पानी में फैली गंदगी बीमारियों को भी न्यौता दे रही है। हैरानी की बात यह है कि परागपुर उप तहसील कार्यालय इसी तालाब के पास है। अक्सर कूड़े का जमघट भी यहां देखा जा सकता है।
क्या कहा ग्राम प्रधान परागपुर ने
ग्राम प्रधान परागपुर ने कहा कि तालाब की साफ सफाई उनके अधिकार क्षेत्र में नही आता ये नहर कमेटी के अंतर्गत आता है ।
क्या कहा नहर कमेटी ने
इस सम्बंध में जब नहर कमेटी के बिजय लाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तालाब में लिफाफे कचरा जो है साफ करवा दिया जाएगा इस बाबत उन्होंने नहर कमेटी के सचिव को इस बाबत अवगत करवा दिया है जल्द ही तालाब में तैर रहा कचरा उठा दिया जाएगा ।। नहर कमेटी ने बताया कि वो हरेक दो साल में तालाब की सफाई करवाती है जिसका खर्च तक़रीबन 80 हजार तक आ जाता है ।।
नहर कमेटी की स्थानीय प्रशाशन से अपील –
नहर कमेटी ने सरकार व स्थानीय प्रशाशन से अपील की है कि प्रशाशन अगर 2 या 3 सी सी टी वी मुहैया करवा दे तालाब के आसपास लगाने के लिये तो तालाब में गंदगी फैलाने वाले ओर तहसील कार्यालय के पास जो लोग गंदगी फैलाते है उन पर लगाम लगाई जा सके ।। इसके लिये बिजली बिल कमेटी वहन करने को तैयार है ।।
क्या कहा बी डी ओ परागपुर ने
बीडीओ परागपुर कंवर सिंह ने बताया कि स्वच्छता के लिये प्रशासन वचनबद्ध है ।। उन्होंने बताया कि स्थानीय पंचायत को शक्तियां दी गयी है । वो गंदगी फैलाने वालो पर कार्यवाही ओर अधिकत 5000 जुमार्ना कर सकती है ।।
