
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में एक और गड़बड़झाला सामने आया है। भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में रहे एचपीयू ने इस बार एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर एक ऐसे उम्मीदवार को भर्ती कर दिया, जिसका यूजीसी नियमों के अनुसार आवश्यक आठ साल पढ़ाने का अनुभव पूरा नहीं
यह नियुक्ति मौजूदा भाजपा सरकार में पूर्व कांग्रेस मंत्री की बेटी को दी गई है। इसमें स्क्रीनिंग कमेटी ने नियमों को दरकिनार करते हुए उम्मीदवार के एक निजी कॉलेज में पढ़ाने और विवि के सेंटर फॉर इवनिंग स्टडीज में पीएचडी करने के समय बतौर गेस्ट फैकल्टी पढ़ाने के कार्यकाल को भी अनुभव में जोड़ दिया है।
यह यूजीसी के रेगुलेशन के अनुसार मान्य नहीं है। अस्थायी नियुक्ति या प्रति लेक्चर के कार्यकाल को नियुक्ति के लिए टीचिंग अनुभव में नहीं जोड़ा जा सकता। चयनित किए गए उम्मीदवार की 2016 में पीएचडी पूरी हुई थी। नियमों के अनुसार अनुबंध काल को भी अनुभव में नहीं गिना जा सकता है।
यह है नियम
यूजीसी रेगुलेशन के मुताबिक एसोसिएट प्रोफेसर के पद के लिए आठ साल का किसी भी राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय/शोध संस्थान में रेगुलर पे स्केल पर पढ़ाने और शोध का अनुभव होना आवश्यक होता है।
