पंचायत स्तर के मुद्दों पर लाहडू में हुई उप प्रधान यूनियन भट्टियात की त्रैमासिक वैठक

--Advertisement--

Image

अनिल संबियाल- सिहुन्ता

आदर्श ग्राम पंचायत परछोड में शुक्रवार को उप प्रधान यूनियन भट्टियात की त्रैमासिक वैठक लाहडू में की गई ।जिसकी अध्यक्षता यूनियन के प्रधान जैसी राम ने की।इस बैठक में विभिन्न पंचायतों के उप प्रधानों द्वारा पंचायत स्तर के मुद्दों पर चर्चा की गई।जोकि निम्न प्रकार से है।

1.सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पहचान पत्र जारी किए जाएं।ताकि ब्लॉक व जिला स्तर के ऑफिस में किसी कार्य मे हम जाए तो अपनी पहचान दिखा सके।

2.प्रधानों ओर उप प्रधानों के मानदेय में इतनी भिन्नता न हो ,जबकि इससे पूर्व ये अंतर कम था लोकतंत्र में जो भी प्रतिनिधि चुन कर आता है, वह सेवा भावना से आता है। वह किसी भी मानदेय व वेतन का मेहताज़ नही है। इसके बावजूद भी अगर प्रान्त में नीति निर्धारित करने वालों ने मानक की व्यवस्था की है तो, कम से इसके लिए कोई मानक तय किया होगा।

आज जब पंचायतों में प्रधान या उप पधान चुन कर आते हैं उन दोनों की चयनित प्रक्रिया एक समान है बाबजूद इसके भी प्रधान ओर उप प्रधान के मानदेय में इतना अंतर रखा गया है इसको तय करने के लिए कोन से मानक तय किया गया है। इसको जानने का हक एक पंचायत प्रतिनिधि होने के नाते हम सब को है ।

3. इस पंचायत राज तंत्र में जो शक्तियां उप प्रधानों को दी गयी हैं ।वह पर्याप्त नहीं हैं ।जिससे लोगों के वीच उप प्रधान अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं। इसका मुख्य कारण उप प्रधानों को वित्तीय शक्तियों से बंचित रखना वह पंचायतों में कुछ मदों के विकास कार्यों के क्रियान्वयन की वित्तिय शक्तियां उप प्रधानों को भी मिलना चाहिये ताकि पंचायतों में शक्ति संतुलन बना रहे।

4. 15 वित्त आयोग की राशि जोकि 50% जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों को आवंटित कर दिया है। जिसका हमारी यूनियन विरोध नही करती है हम यह चाहते है कि 15वे वित्त आयोग की पूरी राशि पंचायतों की दी जाए व ग्राम पंचायत सदस्यों तथा पंचायत समिति सदस्यों को अलग से राशि दी जाए।

5. मनरेगा जैसी योजना का पूरे भारतवर्ष में सृजन करने का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध करवाना मात्र था। आज जितने भी विकास कार्य हो रहे हैं उनमें कम से कम कुछ निपुण श्रमिकों का होना आवश्यक है आज कोई भी निपुण श्रमिक मात्र 203 रु में अपनी सिवाय विकास कार्यों में देने मे असमर्थ है।

इसलिए मनरेगा में कुछ एक निपुण श्रमिकों की सेवा लेने के लिए जैसे कि मेसन जिसके बिना मेंशनेरी कार्य होना असंभव है। उसके लिए कम से स्थानीय दर के अनुसाय श्रम राशि तय की जाए ताकि कार्यों में गुणवत्ता आ सके। इस मौके पर भटियात विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के उप प्रधान मौजूद रहे ।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...