
ज्वाली- व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा के उपमंडल ज्वाली के घाड़ जरोट में खाना बनाने के बर्तन से पिता की हत्या करने के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने पांच साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना भरने के भी आदेश दिए हैं।
यह सजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिस प्रीति ठाकुर की अदालत ने सुनाई है। मामले की पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने बताया कि मामला लगभग पांच साल पुराना है और दोषी बालकृष्ण जिला कांगड़ा की तहसील जवाली के गांव घाड़ जरोट का रहने वाला है। सुनीता देवी पत्नी दीपराज निवासी घाड़ जरोट की शिकायत पर नगरोटा सूरियां पुलिस चौकी में 13 सितंबर, 2016 को मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में कहा गया था कि 13 सितंबर, 2016 की रात करीब 11.30 बजे मस्तराम और उसके बेटे बालकृष्ण में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। इस दौरान बालकृष्ण ने अपने पिता पर लोहे के खोंचे (खाना बनाने के बरतन) से वार कर दिया। इसके चलते पिता मस्तराम गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद आरोपी बालकृष्ण मौके से फरार हो गया, जबकि गंभीर रूप से घायल मस्तराम को नगरोटा सूरियां अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
घायल मस्तराम की गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा रेफर कर दिया, लेकिन करीब 40 दिन बाद 25 अक्तूबर, 2016 को मस्तराम की मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बालकृष्ण पर हत्या का मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की थी।
वहीं न्यायालय में करीब पांच साल तक चले इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिस प्रीति ठाकुर की अदालत आरोपी बालकृष्ण को दोषी करार देते हुए पांच साल कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा।
