टूटा अभियान जीता किसान – ठाकुर सुरिंद्र सिंह मनकोटिया

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परागपुर- आशीष कुमार

ठाकुर सुरिंद्र सिंह मनकोटिया ने हिमखबर से बात करते हुए कहा कि खेती विरोधी भारतीय जनता पार्टी की ताकतें आखिर में हार ही गई। उन्होंने कहा आज मोदी जी के अहंकार के हार का दिन है। आज किसान विरोधी भाजपाई और उनके पूंजीपति मित्रों की ताकत की हार का दिन है। आज खेत-खलिहान, पूंजीपतियों को बेचने के षडयंत्र की हार का दिन है और साथियों आज किसान, मजदूर, मंडी मजदूर और दुकानदार की जीत का दिन है।

आज उन 700 से अधिक किसानों की शहादत की जीत का दिन है, जिन्होंने इस संघर्ष के दौरान शहादत दी और आज आखिर में एक साल के, 12 महीने के किसान के संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी और एक अहंकारी प्रधानमंत्री, माननीय नरेन्द्र मोदी जी को किसान और मजदूर की ड्योढी पर झुकना ही पड़ा। मगर देश भूलेगा नहीं मोदी जी कि आपने एक घृणित पाप जो किया था, अब उसे वापस लेने का निर्णय किया है और वो भी किसान को रोंदने, उसके नष्तर चुभाने और बर्बर यातनाएं देने के बाद।

अब जनता समझ गई है कि भाजपा की हार के आगे ही हिंदुस्तानियों की जीत है। अब जनता समझ गई है कि भाजपा की हार के आगे ही जनहित की जीत है। अब जनता समझ गई है कि भाजपा की हार के आगे ही किसान और मजदूर की जीत है। अब जनता समझ गई है कि भाजपा की हार के आगे ही देश की जीत है।

26 नवंबर, 2020 से, जबसे देश के 62 करोड़ किसानों ने खेती विरोधी तीन काले कानूनों के खिलाफ याचना लगाई थी, तबसे मोदी सरकार यातनाएं दे रही हैं। बर्बर लाठी चार्ज किए गए, दिल्ली के चारों तरफ के राष्ट्रीय राजमार्ग खुदवा दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर नष्तर और भाले लगवा दिए गए। किसानों के सिर फोड़ने के आदेश दिए गए। उन्हें आतंकी कहा गया, किसान को नक्सलवादी कहा गया। हमें, किसान को गुंडा कहा गया। किसान को उग्रवादी कहा गया। किसान को आंदोलनजीवी कहा गया और कुछ गोदी मीडिया के मित्र भी मोदी सरकार के इस प्रचार में शामिल हो गए।

700 से अधिक किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया और लखीमपुर खीरी में तो देश के गृह राज्यमंत्री के बेटे और उनके सहयोगियों ने किसानों को अपनी जीपों के टायरों के नीचे रोंद दिया। पर मोदी सरकार ने आज अपना अपराध स्वीकार किया है। अब बारी है किसानों के साथ, मजदूरों के साथ, मेहनतकशों के साथ, इस देश का पेट पालने वाले लोगों के साथ मिलकर अपराध की सजा तय करने की, जो देश की जनता हर हाल में तय करेगी।

किसानों को उनकी लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देने का वायदा करके सत्ता में आए मोदी जी ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा कभी दिया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्राइवेट बीमा कंपनी मुनाफा योजना बना दिया गया और 27 हजार करोड़ का मुनाफा चंद मुट्ठीभर बीमा कंपनियों को कमवाया।

कृषि की लागत 25,000 रुपए प्रति हेक्टेयर बढ़ा दी। खेती पर टैक्स लगाकर, खाद पर टैक्स लगाकर, कीटनाशक दवाई पर टैक्स लगाकर, ट्रैक्टर पर टैक्स लगाकर, खेती के उपकरणों पर टैक्स लगाकर और डीजल पर 3 रुपए 56 पैसे से टैक्स 28 रुपए प्रति लीटर बढ़ा कर और आय दोगुनी करने के वायदे की बजाए किसान की आय 27 रुपए प्रतिदिन रह गई।

मनकोटिया ने कहा कि हिमाचल के बी जे पी के नेताओ को भी माफी मांगनी चाहिए ।। जिन्होने किसानों का अपमान किया है ।। कभी किसानों को आंदोलन जीवी तो कभी खालिस्तानी कभी आतंकवादी कहा गया। अब जनता समझ गई है कि बी जे पी की हार ही देश प्रदेश की कामयाबी है। कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ है और हमेशा उनके साथ रहेगी।

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