बनाई जा रही नीति के आधार पर नर्सरी टीचर का मामला भी जा सकता है न्यायालय में-साधुराम राणा

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कोटला- स्वयंम

पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने कोटला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में नर्सरी टीचर भर्ती का मामला न्यायालय में जाने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग एवं सरकार यदि एक वर्षीय नर्सरी टीचर डिप्लोमा धारकों को नर्सरी टीचर के रुप में भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखती है तो बहुत सी तादाद में एक वर्षीय नर्सरी टीचर डिप्लोमा धारकों का नौकरी के लिए वर्षों से लगा इंतजार समाप्त हो जाएगा और फिर विवश होकर एक वर्षीय नर्सरी टीचर डिप्लोमा धारक अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए कूच करने से नहीं  रूकेंगे।

उन्होंने कहा कि न्यायालय की ओर से इनका पक्ष सुनने एवं सुलझाने तक इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है। एक वर्षीय नर्सरी टीचर डिप्लोमा धारकों के आधार पर एक वर्षीय बीएड डिग्री धारक भी हैं जो सरकारी नौकरी में नियुक्त हैं और आगे भी नियुक्ति के पात्र हैं तो फिर एक वर्षीय नर्सरी टीचर डिप्लोमा धारकों को कैसे अयोग्य करार दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग एवं सरकार को इस मामले को गंभीरता से सुलझाने पर विचार करना चाहिए ताकि इन नियुक्तियों का मामला न्यायालय में न लटक जाए।

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