हिमाचल पुलिस का कारनामा: घर में घुसे थे चोर, पुलिस बोली ना स्टाफ है ना गाड़ी, नहीं आ सकते हम

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घर में घुसे तीनों बदमाशों की सूचना जब पुलिस को दी गई तो राजधानी की स्मार्ट पुलिस का जवाब था कि उनके पास न गाड़ी है और न ही स्टाफ। ऐसे में मौके पर नहीं आ सकते। 

शिमला- जसपाल ठाकुर 

राजधानी शिमला की स्मार्ट पुलिस के अजीबोगरीब जवाब से लोग परेशान हैं। शहर की सुरक्षा की जिस जिम्मेदारी के लिए पुलिस तैनात की है वह उसी से दूर भाग रही है। शहर के चौड़ा मैदान क्षेत्र में मुख्य न्यायाधीश के सरकारी आवास के पास बने एक निजी भवन में दिन दहाड़े तीन चोर घुस गए।

खिड़की तोड़ घर में घुसे तीनों बदमाशों की सूचना जब यहां रहने वाले केयरटेकर ने पुलिस को दी तो राजधानी की स्मार्ट पुलिस का जवाब था कि उनके पास न गाड़ी है और न ही स्टाफ। ऐसे में मौके पर नहीं आ सकते।

शिकायतकर्ता अच्छर सिंह ने कहा कि वह पीटरहॉफ के पास बने सनी विला भवन में केयर टेकर हैं। उनकी पत्नी आईजीएमसी में आउटसोर्स कर्मचारी है। मंगलवार को दोनों सुबह ही काम पर निकल गए। घर पर 12 और छह साल की दो बेटियां थीं। दोपहर करीब सवा एक बजे अचानक घर की पिछली खिड़की तोड़कर तीन युवक कमरे में दाखिल हुए।

चोरी के इरादे से आए युवकों ने कमरे का सामान बिखेर दिया। इन्हें कुछ नहीं मिला तो टॉप फ्लोर में बने दूसरे कमरे में जाने लगे। कमरे में बैठी बेटियों ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और अपने पिता को सूचना दी।

कमरे में किसी के होने का पता चलते ही तीनों युवक तोड़ी गई खिड़की से निकलकर होटल के गेट की ओर भाग गए। उधर पिता ने तुरंत अपनी पत्नी को बताया जिन्होंने एक बजकर 20 मिनट पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 पर शिकायत दी।

करीब एक बजकर 34 मिनट पर बालूगंज थाने से फोन आया और घटना के बारे में पूछा। इसके बाद थाना पुलिस ने कहा कि उनके पास न गाड़ी है और न ही स्टाफ। ऐसे में मौके पर नहीं आ सकते।  थाना पुलिस का अजीबोगरीब जवाब सुनने के बाद महिला ने फिर दोपहर एक बजकर 51 मिनट पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया और थाना पुलिस के इस जवाब की जानकारी दी।

इसके बाद करीब ढाई बजे बालूगंज थाना से दो जवान मौके पर पहुंचे और घर का पता पूछकर वापस चले गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि दो साल पहले भी उनके घर पर चोरी हो चुकी है। अभी तक पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। अब फिर से चोर खिड़की तोड़कर अंदर घुसे हैं।

खलीनी में भी मौके पर नहीं आई थी पुलिस

राजधानी की स्मार्ट पुलिस के हाथ खड़े करने की यह पहली घटना नहीं है। बीते महीने खलीनी में भी दो गुटों की मारपीट की सूचना पार्षद पूरनमल ने न्यू शिमला थाने में दी थी। लेकिन पुलिस ने उल्टा पार्षद को ही कह दिया कि उनके पास गाड़ी नहीं है। यदि पार्षद गाड़ी भेज दें तो पुलिस मौके पर आने को तैयार है। बताया जा रहा है कि न्यू शिमला थाना पुलिस के पास दो महीने से गाड़ी नहीं है। ऐसे में महीनों से रात्रि गश्त बंद है। शहर की व्यवस्था रामभरोसे है। शहर की सड़कों से आए दिन गाड़ियां चोरी हो रही हैं लेकिन स्मार्ट पुलिस थानों में बंद है।

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