हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल में रेव पार्टी के आयोजन को लेकर सख्ती ना दिखाने पर डीसी अनुराग शर्मा और एसपी मदन लाल कौशल पर गाज गिरी है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद मजबूरी में सुक्खू सरकार को दोनों अधिकारियों को ट्रांसफर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, आईएएस अनुराग शर्मा हिमाचल कैडर के 2016 बैच के अधिकारी हैं। अनुराग शर्मा ने 18 फरवरी 2026 को कुल्लू के डीसी का प्रभार संभाला था और वह सात महीने तक इस पद पर रहे। डीसी कुल्लू से पहले वह हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड में निदेशक (कार्मिक एवं वित्त), एचपीएसआईडीसी के निदेशक, धर्मशाला नगर निगम के आयुक्त, बिलासपुर के एडीसी, सोलन के एडीसी और कुल्लू के एसडीएम रहे थे।
अनुराग शर्मा कांगड़ा जिले के बैजनाथ के चकोल गांव के रहने वाले हैं और उन्होंने यूपीएसएसी में 11वां रैंक हासिल किया था। वह लगातार दूसरी बार इस एग्जाम को क्लियर करने के बाद अफसर बने थे। हमीरपुर की मौजूदा डीसी गंधर्वा राठौर से अनुराग ने लव मैरिज की थी।गंधर्वा राठौर राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं और उन्होंने यूपीएससी में 93वां रैंक हासिल किया था।
आईएएस अनुराग चंद्र और गंधर्वा राठौर के दो बच्चे हैं। दोनों की लव मैरिज 2017 में हुई थी और ट्रैनिंग के दौरान ही दोनों का प्यार परवान चढ़ा था। फिलहाल, अनुराग चंदर शर्मा को शिमला अटैच किया गया है और एडीसी सुरजीत सिंह को डीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

क्या है वो रिपोर्ट जिसकी वजह से गिरी गाज
हिमाचल हाईकोर्ट ने 24 जून को डीसी और एसपी के तबादले के आदेश के जारी किए थे। अनुराग ने कसोल की पार्वती घाटी में बड़े पैमाने पर होने वाली रेव पार्टियों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की थी। हाईकोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि कसोल के पास ग्राहण में ‘ग्रीन फॉरेस्ट-1’ और ‘ग्रीन फ़ॉरेस्ट-2’ में 7 से 11 जून तक रेव पार्टी हुई।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है.मौके पर शराब की बड़ी संख्या में खाली बोतलें, सिगरेट के टुकड़े, गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाले ‘रोलिंग पेपर’ और मादक पदार्थों के सेवन का संकेत देने वाले अन्य सबूत मिले। मामले में दो पर्यटकों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से कोकीन और ‘एलएसडी’ बरामद की गई जबकि कार्यक्रम में संगीत संयोजन कर रहे रूसी नागरिक डीजे कारिया कुज़मिनिख की मौत हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट से मिल थी आशिंक राहत
मामले में सुप्रीम कोर्ट से सुक्खू सरकार को राहत नहीं मिली थी हालांकि, हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी और ट्रांसफर के आदेश बरकरार रखे थे।

