हिमख़बर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि जल्द ही और कई और सरकारी दफ्तर कांगड़ा जिले में स्थानांतरित किये जाएंगे।
उन्होंने यह घोषणा धर्मशाला में ‘पिछड़ा वर्ग आयोग’ के अध्यक्ष के नए कार्यालय का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करने के दौरान की।
सरकार ने हाल में इस कार्यालय को शिमला स्थित सचिवालय से कांगड़ा ज़िले में स्थानांतरित किया था।
सुक्खू ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा को राज्य की ‘पर्यटन राजधानी’ घोषित किया है और कई सरकारी दफ्तरों को इस जिले में स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार इलाके के समुदायों के लिए ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का दर्जा और कांगड़ा के बड़ा भंगाल इलाके के लिए एसटी (अनुसूचित जनजाति)का दर्जा दिलाने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यालय के लिए जिले के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि कांगड़ा और आस-पास के जिलों की एक बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग से आती है।
उन्होंने कहा, ”आयोग के दफ्तर को धर्मशाला स्थानांतरित करने से लोगों को अब शिमला जाने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें तेजी से और आसानी से सेवाएं मिल सकेंगी।”
सुक्खू ने कांगड़ा के जिला उपायुक्त को निर्देश दिया कि वह धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हिप्ररेरा)का कार्यालय यथाशीघ्र स्थापित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें।

