हिमखबर डेस्क
राजनीति के चाणक्य और संचार क्रांति के मसीहा के रूप में विख्यात रहे स्व. पंडित सुखराम के देहावसान के चार वर्ष पूर्ण होने पर आज परिजनों की ओर से चवर्ख पर ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हुए।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की। सभी ने स्व. पंडित सुखराम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान उनके पुत्र अनिल शर्मा और पौत्र आश्रय शर्मा ने बताया कि 11 मई 2022 को पंडित सुखराम का निधन हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में की थी और बाद में कांग्रेस व भाजपा जैसे दलों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस (हिविकां) का गठन कर प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान बनाई और संतुलित विकास की सोच को आगे बढ़ाया।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि देश में संचार क्रांति लाने में स्व. पंडित सुखराम का योगदान ऐतिहासिक है। आज आम लोगों के हाथों में मोबाइल फोन पहुंचने के पीछे उनकी दूरदर्शी सोच का बड़ा योगदान रहा है। हिमाचल प्रदेश, विशेषकर मंडी जिला के विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उल्लेखनीय है कि स्व. पंडित सुखराम ने अपने राजनीतिक जीवन में लोकसभा और विधानसभा के कुल 13 चुनाव लड़े। मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र में उनके परिवार का अब तक दबदबा कायम है और यह सीट आज तक उनके परिवार के पास ही रही है।

