हीटवेव एवं वनाग्नि से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य, टोल-फ्री नंबर 1800-180-1916 पर दें वनाग्नि की सूचना – उपायुक्त
हिमखबर डेस्क
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आज उपायुक्त कार्यालय स्थित एनआईसी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग हाॅल में हीटवेव, वनाग्नि एवं संभावित जल संकट से निपटने की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए त्वरित सूचना आदान-प्रदान, संसाधनों की उपलब्धता और विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक है।
उपायुक्त ने कहा कि वनाग्नि घटनाओं, हीटवेव अलर्ट तथा जल संकट से संबंधित सूचनाओं के त्वरित संप्रेषण के लिए सुदृढ़ टू-वे इन्फाॅर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि जिला आपदा परिचालन केंद्र (डी.ई.ओ.सी.) और फील्ड स्तर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
उन्होंने वन विभाग, अग्निशमन सेवाएं, एसडीआरएफ, गृह रक्षक, पंचायतों तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच एकीकृत आपदा प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने पर बल दिया, जिससे आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त ने वनाग्नि संभावित क्षेत्रों की मैपिंग, उपलब्ध संसाधनों जैसे फायर स्टेशन, जल स्रोत, वाहन एवं मानव संसाधन की सूची तैयार कर आपदा प्रबंधन तंत्र को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने हीटवेव के दृष्टिगत संवेदनशील वर्गों की पहचान, पेयजल उपलब्धता, कूलिंग स्पेस और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता रखें।
पेयजल की स्थिति को देखते हुए जल शक्ति विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वैकल्पिक प्रबंध, टैंकर तैनाती और जल वितरण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूलों के समय में आवश्यक समायोजन, विद्यार्थियों में हीट सेफ्टी जागरूकता, विभागीय नोडल अधिकारियों के माध्यम से नियमित सूचना साझाकरण तथा संवेदनशील क्षेत्रों में माॅक ड्रिल और जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने नियंत्रण कक्षों की अपडेट संपर्क सूची जिला आपदा परिचालन केंद्र के साथ साझा करें और उन्हें चैबीसों घंटे सक्रिय रखा जाए। उन्होंने पंचायतों, स्वयंसेवकों और आपदा मित्रों की भागीदारी को आपदा प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान जन-जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक राज्य स्तरीय टोल-फ्री नंबर 1800-180-1916 स्थापित किया गया है। यह टोल-फ्री नंबर प्रदेश में वनाग्नि से संबंधित शिकायतों एवं सूचनाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा, जिससे घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि आम जनता किसी भी वनाग्नि की घटना की सूचना इस पर दे सकती है।
ये रहे उपस्तिथ
इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा, डीएफओ हेडक्वार्टर राहुल शर्मा, डीएफओ पालमपुर संजीव शर्मा, डीएफओ नूरपुर संदीप कोहली, डीएफओ देहरा नीलकमल, एसीएफ डीआर धीमान, उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा कमलेश कुमारी, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय संब्याल, नोडल अधिकारी शिक्षा विभाग सुधीर भाटिया, रेंज फाॅरेस्ट आॅफिसर कुलतार सिंह, कमांडेंट होमगार्ड्स राजेश कुमार एवं विपिन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि समस्त एसडीएम एवं अन्य अधिकारी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

