स्थानीय ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर जबरन अंतिम संस्कार करने के लगाए आरोप, शिकायत पर वन विभाग ने संबंधित भूमि पर की तारबंदी।
नगरोटा सूरिया – हिमखबर डेस्क
स्पेल पंचायत के पास छरडा नाला बस्ती और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल स्पेल के बीच श्मशानघाट के निर्माण को लेकर विवाद गहराने लगा है। शनिवार को स्पेल गांव के ग्रामीणों ने पुलिस चौकी नगरोटा सूरियां पहुंचकर शिकायत दी।
इसमें कहा कि गलुआ गांव का एक युवक छरडा नाला के पास वन विभाग की भूमि पर ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जबरन श्मशानघाट बनाने पर अडिग है। यही नहीं एक मृतक महिला के भी शव का दाह संस्कार इस श्मशानघाट पर कर दिया गया।
ग्रामीणों गोपाल दास, शिमला देवी, विजय कुमारी, बिंता देवी, जीवन कुमार, अनु शर्मा, जीत सिंह, संधुरु लाल, सुभाष चंद, रवि, संजू, मुकेश शर्मा सहित अन्य ने आरोप लगाया 8 मार्च को चुपके से एक महिला के शव का जबरन उनके घरों के सामने छरडा नाला में अंतिम संस्कार किया।
महिलाओं ने जब रोकने की कोशिश की तो उन्हें डरा धमकाकर भगा दिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता स्पेल के ग्रामीणों की बात को सुना और उन्हें समझाया कि यह मामला वन विभाग का है और वन विभाग को चाहिए कि वन भूमि को इस तरह के शरारती तत्वों से बचाने के लिए बाड़बंदी करे।
अगर बाड़बंदी को कोई तोड़ कर वन भूमि को नुकसान पहुंचता है और वन विभाग इसकी शिकायत करता है तो उसके खिलाफ कानूनी करवाई जरूर कि जाएगी।
उधर, वन विभाग परिक्षेत्र नगरोटा सूरियां ने भी ग्रामीणों कि शिकायत पर छरडा नाला में वन भूमि पर जबरन बनाए श्मशानघाट की जमीन पर कंटीली तार लगा कर बाड़बंदी कर दी है।
धर्म चंद वर्मा, एएसपी, पुलिस जिला नूरपुर के बोल
दोनों पक्ष को बुधवार को बुलाया है इस दौरान दोनों का पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद ही अगली करवाई कि जाएगी। विवादित श्मशानघाट की भूमि वन विभाग की है और इस पर कार्रवाई वन विभाग ही कर सकता है। पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था कर सकती है।
मदन लाल, बीओ वन परिक्षेत्र नगरोटा सूरियां के बोल
वन भूमि पर जबरन श्मशानघाट बनाने वाली भूमि पर शिकायत के मिलने के बाद तारबंदी कर दी है। भविष्य में कोई इस भूमि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सख्ती से वन विभाग कानून के तहत लाई जाएगी।

