अब बोरी नहीं उठानी होगी पर दौड़ लगानी ही पड़ेगी, हिमाचल सरकार ने पशु मित्र भर्ती नीति में किया बदलाव

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पुरुषों को 30 मिनट में पांच किलोमीटर, महिलाओं को 10 मिनट में 1500 मीटर दौड़, पहले पास हो चुके उम्मीदवारों का दोबारा नहीं होगा टेस्ट कट-ऑफ डेट भी बदली।

हिमखबर डेस्क 

प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग ने पशु मित्र नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। पशु मित्र निति में किए गए संशोधन को लेकर विभाग अधिसूचना जारी कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत पशु मित्र भर्ती फिजिकल टेस्ट में पुरुष उम्मीदवारों को 30 मिनट में पांच किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा महिला उम्मीदवारों को 10 मिनट में 1500 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी।

गौर हो कि इससे पहले पशु मित्र भर्ती में महिलाओं का बोरी उठाकर दौड़ लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कई महिलाएं दौड़ लगाते हुए गिर गईं। इसके बाद पशपालन विभाग ने पशु मित्र भर्ती की प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी।

अब विभाग ने पशुमित्र नीति में संशोधन किया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार पशु मित्रों को पशु चिकित्सालयों और पशुपालन फार्मों में काम करना होता है, जिसके लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब चयन प्रकिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा शामिल की गई है।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले की व्यवस्था के तहत शारीरिक परीक्षा पास कर ली है, उन्हें दोबारा परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी।

ऐसे उम्मीदवारों को सीधे अगली काउंसिलिंग या चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि जो उम्मीदवार पहले शारीरिक परीक्षा पास नहीं कर पाए थे, उन्हें नई व्यवस्था के अनुसार फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

सरकार ने आवेदन की कट-ऑफ तिथि में भी बदलाव किया है। अब रिकॉर्ड के अनुसार 31 दिसंबर, 2025 तक ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में दर्ज आवेदक या उसके परिवार के नाम पशुधन होना चाहिए। साथ ही यह पशुधन भारत पशुधन पोर्टल पर 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले पंजीकृत होना जरूरी होगा।

इसलिए फिटनेस जरूरी

अधिसूचना के अनुसार पशु मित्रों को अपने काम के दौरान कई ऐसे कार्य करने पड़ते हैं, जिनमें शारीरिक ताकत और सहनशक्ति की जरूरत होती है। इनमें तरल नाइट्रोजन से भरे कंटेनरों को उठाने, कई बार उपचार के लिए लगभग 25 किलो ग्राम वजन वाले पशुओं को उठाने, चरागाहों में भेड़ों के बच्चों को लाने-ले जाने जैसे कार्य भी पशु मित्रों को करने पड़ते हैं। इसलिए सरकार ने शारीरिक क्षमता की जांच को जरूरी माना है।

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