‘स्नो मैराथन लीग’ का शुभारंभ, लाहौल में 20–22 मार्च को होगा स्नोटेल्स फेस्ट

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‘स्नो मैराथन लीग’ का शुभारंभ, लाहौल में 20–22 मार्च को होगा स्नोटेल्स फेस्ट।

हिमखबर डेस्क 

हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्नो मैराथन लीग (SMLg) की भारत में शुरुआत की गई है। स्नो मैराथन लीग की ऑर्गनाइजिंग कमिटी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में यह घोषणा की।

यह पहल उस टीम द्वारा शुरू की गई है, जिसने हिमाचल प्रदेश स्थित लाहौल में आयोजित विश्व की सबसे ऊँची और एशिया की एकमात्र स्नो मैराथन के चार सफल संस्करण आयोजित किए हैं।

इस लीग का उद्देश्य माउंटेन कम्युनिटी , साहसिक खेल प्रेमियों और पर्यावरण समर्थकों को एक मंच पर लाकर हिमालय के नाज़ुक इकोसिस्टम के संरक्षण के प्रति जिम्मेदार भागीदारी को बढ़ावा देना है।

लीग की गतिविधियों के तहत स्नोटेल्स फेस्ट का आयोजन 20 से 22 मार्च 2026 तक लाहौल में किया जाएगा। इसे दुनिया की सबसे ऊँचाई पर आयोजित होने वाली डॉग रेस के रूप में जाना जाता है, जिसमें कुत्ते और उनके मालिक एक साथ भाग लेते हैं।

स्नो मैराथन लीग के अंतर्गत दुनिया की सबसे ऊँचाई पर आयोजित होने वाली स्नो अल्ट्रा और स्नो वॉकाथॉन भी आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें और हिमालय में ठोस कचरा प्रबंधन और पशु कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समर्थन में भागीदारी कर सकें।

रेस डायरेक्टर कर्नल सौरव शिमर ने कहा कि स्नो वॉकाथॉन उन लोगों के लिए बेहतर अवसर होगा, जो कठिन हाई-एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन फिर भी किसी सामाजिक व पर्यावरणीय उद्देश्य के लिए इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं।

कर्नल जे.एस. ढिल्लों, कार्यक्रम के प्रिंसिपल चीफ, ने बताया कि 14 फरवरी 2027 को गुलमर्ग में स्नो मैराथन कश्मीर के पहले संस्करण का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग (IISM), गुलमर्ग इस लीग का तकनीकी साझेदार होगा और दुनिया भर के धावकों व साहसिक खेल प्रेमियों का इस अनूठे डेस्टिनेशन रन में स्वागत करेगा।

इवेंट चीफ कर्नल अरुण नटराजन, जो लाहौल में स्नो मैराथन के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, ने कहा कि लीग को संस्थागत रूप देने के लिए भारतीय सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के साथ सहयोग की दिशा में काम किया जा रहा है, क्योंकि इन बलों में धीरज और साहसिक गतिविधियों की मजबूत परंपरा है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आयोजित ऐसे खेल आयोजनों के लिए चिकित्सा तैयारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए फोर्टिस अस्पताल, मोहाली के निदेशक अभिजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण और तैयारी की आवश्यकता होती है।

उन्होंने बताया कि फोर्टिस अस्पताल, मोहाली, स्नो मैराथन लाहौल का लंबे समय से मेडिकल पार्टनर रहा है और भविष्य में भी लीग के कार्यक्रमों में सहयोग करता रहेगा।

स्नो मैराथन लीग के संस्थापक गौरव शिमर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना और पृथ्वी के नाजुक इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।

इस पहल में पशु कल्याण को भी विशेष महत्व दिया गया है। मनाली स्ट्रेज़ की सह-संस्थापक डॉ. बेकी मेटकाल्फ ने बताया कि उनकी संस्था कुल्लू और लाहौल-स्पीति क्षेत्रों में आवारा और जंगली जानवरों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

उन्होंने पालतू पशुओं के मालिकों से अपील की कि वे स्नोटेल्स फेस्ट में भाग लेकर एनिमल बर्थ कंट्रोल, रेबीज़ उन्मूलन और पशु-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के प्रयासों का समर्थन करें।

इस अवसर पर उपस्थित हेरिटेज कंजर्वेशनिस्ट लामा स्तांज़िन गुरमत ने विश्वास जताया कि स्नो मैराथन लीग मानव, प्रकृति और सभी जीवों के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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