हिमखबर डेस्क
हिमाचल से राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद अनुराग शर्मा ने प्रत्याशी तय होने को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि होली पर्व पर उन्हें एआईसीसी ऑफिस से फोन आया था।
इस दौरान उन्हें बताया गया कि हिमाचल से राज्यसभा के लिए आप भी प्रत्याशी तय हो सकते है और आप अपने पेपर कंप्लीट कीजिए। अनुराग शर्मा ने कहा कि यह सब भावुक करने वाली चीज थी और ऐसा लग रहा था कि मैं कोई सपना देख रहा हंू।
अनुराग शर्मा ने कहा कि जमीन से जुड़े कार्यकर्ता को पहली बार मौका मिला है और यह आगे के लिए एक संकेत है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और संगठन बड़ा होता है, न कि नेता, एमएलए और मंत्री बड़े होते हैं।
बकौल अनुराग शर्मा पार्टी का फैसला अन्य कार्यकर्ताओं के लिए बहुत अच्छा संदेश है। अगर आज उन जैसे साधारण कार्यकर्ता को आगे लाया गया है, तो भविष्य में अन्य कार्यकर्ताओं को भी मौका मिल सकता है।
इस मौके पर उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार समेत तमाम पार्टी नेताओं का आभार जताया।
सबसे पहले आरडीजी मनरेगा का मुद्दा उठाऊंगा
अनुराग शर्मा ने कहा कि सबसे पहले वह राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और मनरेगा का सबसे बड़ा मुद्दा है और सबसे पहले वह इन्हीं मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने प्रदेश के भाजपा सांसदों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने इन दोनों मुद्दों पर उन्होंने कोई काम नहीं किया।
कांगड़ा की सभी 15 सीटें पार्टी की झोली में आएंगी
अनुराग शर्मा ने दावा किया कि जिला कांगड़ा इस मर्तबा निर्णायक भूमिका निभाकर मुख्यमंत्री के मिशन रिपीट का सपना पूरा करेगा और सभी 15 सीटों को कांग्रेस की झोली में डालेगा। उन्होंने कहा कि हम उस कांग्रेस के विद्यार्थी है, जो अंत के दो माह में भी चुनाव जीतते हैं।

