जिंदा तेंदुए के ही उखाड़ लिए नाखून, फार्म हाउस में रात भर किया टॉर्चर, सुबह कुत्तों से कटवाया

--Advertisement--

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के नाहन विकास खंड की सतीवाला पंचायत के जोगीबन में तेंदुए की मौत के मामले में वन विभाग ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान और पैर पर धारदार हथियार से हमला होने की पुष्टि हुई है. वन विभाग ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए फार्म हाउस मालिक समेत दो लोगों को पकड़ा है.

फार्म हाउस में बंद कर तेंदुए पर हमला

डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने बताया कि, “23 फरवरी को जोगीबन क्षेत्र में एक कलवर्ट के अंदर तेंदुए के छिपे होने की सूचना वन विभाग को मिली थी. साथ ही एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कुत्ते तेंदुए पर हमला करते दिखाई दे रहे थे. सूचना मिलने पर वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को रेस्क्यू किया.”

तेंदुए के पंजे भी गायब

रेस्क्यू के दौरान तेंदुए की हालत बेहद नाजुक थी, जिसके चलते उसे उपचार के लिए शिमला के टूटीकंडी स्थित वन्यजीव रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा गया. हालांकि उपचार के दौरान तेंदुआ जीवित नहीं रह सका और उसकी मौत हो गई. चूंकि तेंदुआ शेड्यूल-वन की संरक्षित प्रजाति है, इसलिए उसका पोस्टमार्टम करवाया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 2 साल की मादा तेंदुए के शरीर पर कुत्तों के काटने के कई निशान थे. इसके अलावा उसके एक पैर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के भी सबूत मिले. तेंदुए के कुल 18 नाखूनों में से चार गायब पाए गए.

जांच के लिए फार्म हाउस पहुंची टीम

25 फरवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की. जांच के दौरान टीम उस फार्म हाउस तक पहुंची, जहां यह घटना होने की आशंका थी. यह फार्म हाउस शक्ति और बंटी नामक व्यक्तियों का बताया गया है.

फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज वन विभाग ने जब्त की, जिसमें दो व्यक्ति फार्म हाउस मालिक शक्ति और वहां काम करने वाला नीरज, हाथ में दरात और कुल्हाड़ी लेकर एक बाड़े के अंदर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. करीब 10 से 15 सेकंड बाद तेंदुआ वहां से सदमे में बाहर निकलता नजर आता है.

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

डी.एफ.ओ. ने बताया कि, “सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को 3 मार्च की शाम करीब 6 बजे गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद वन विभाग ने अदालत से दोनों का रिमांड मांगा था, हालांकि अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी. मामले में पुलिस को भी शामिल कर लिया गया है और पुलिस ने भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.”

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल में आज क्यों नहीं हुआ पंचायत चुनाव का ऐलान, अब कब होगी तारीखों की घोषणा? EC ने बताया

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश में चुनाव आय़ोग ने मंगलवार को...