शिमला – नितिश पठानियां
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि निर्धारित समय पर ही मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में हिस्सा लेने वाले सभी स्टेकहोल्डर ने बेहरतीन भूमिका निभाई है। सिविल डिफेंस के सदस्य भी इस ड्रिल का हिस्सा रहे।
उपायुक्त ने कहा सेना, होम गार्ड और एस डी आर एफ ने ड्रिल में पूरे जोश से कार्य किया। सेना सिविल डिफेंस के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण देगी ताकि आपदा की स्थिति में मदद मिल सके। इसके अलावा आपदा के समय आवश्यक वस्तुओं की किट बनाई जाएगी ताकि सिविल डिफेंस के सदस्य इसका इस्तेमाल आपदा में करें।
उन्होंने कहा कि इस ड्रिल का मुख्य तौर पर लक्ष्य सिविल डिफेंस को सुदृढ़ करना है।आम जनता किस तरह आपदा की स्थिति में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस के सदस्यों के लिए विशेष कमरा मुहैया करवाने के लिए कार्य किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के बोल
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि जिला स्तर पर आज ड्रिल समन्वय के साथ आयोजित की गई। भविष्य में आपदा की परिस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हम सब तैयार है। सिविल डिफेंस से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके अलावा आपदा की स्थिति में संचार सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा। वहीं सायरन सिस्टम को निर्धारित स्थानों पर लगाया जाएगा।
मॉकड्रिल के बाद अधिकारियों से ली फीडबैक
शिमला शहर में मॉक ड्रिल ऑपरेशन अभ्यास के उपरांत बचत भवन में ब्रीफिंग का आयोजन किया। इस बैठक में एडीएम (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा ने संजौली में मॉक ड्रिल के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा सहित अन्य ने अपनी फीडबैक रखी।
ये रहे उपस्थित
बैठक में एडीसी अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवदीप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रत्न नेगी, एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा सहित सेना, पुलिस, होम गार्ड, एच पी एस डी आर एफ, सिविल डिफेंस के सदस्य भी मौजूद रहे।

