DAV स्कूल के म्यूजिक टीचर से मारपीट मामले ने पकड़ा तूल, एक और CCTV आया सामने, स्कूल के आगे लोगों का प्रदर्शन

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शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर डीएवी स्कूल की म्यूजिक टीचर से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रामपुर में बीते रोज शुक्रवार को इस मामले पर डीएवी स्कूल के बार रोष रैली निकाली गई। आरोप है कि इस केस में डीएवी स्कूल के प्रबंधन ने पीड़ित टीचर का साथ नहीं दिया। साथ ही एक सप्ताह बाद मामले में केस दर्ज करवाया गया।

मामले को लेकर डीएवी संस्थान की तरफ से स्कूल में एक जांच टीम भी भेजी गई थी। उधर, बच्चे को क्लास में चोट लगने की सीसीटीवी भी सामने आई है। इसके अलावा, पहले ही टीचर से मारपीट की सीसीटीवी भी वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को डीएवी स्कूल के खिलाफ सैकड़ों अभिभावकों ने जन आक्रोश रैली निकालकर अपना विरोध जताया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देने का प्रयास किया। आरोप लगाए गए कि किसी नेता के पीए की तरफ से प्रिंसिपल को फोन किए गए थे और मामला दबाने की कोशिश की गई।

दरअसल,  रामपुर के डीएसवी स्कूल में 11 फरवरी को म्यूजिक टीचर टीआर कश्यप और क्लर्क के साथ दफ्तर में पिता और उसके बेटे ने मारपीट की। आरोपियों के बच्चे के स्कूल में चोट लग गई थी और इसी पर गुस्सा होकर दोनों ने स्कूल में जाकर म्यूजिक टीचर और क्लर्क को पीट दिया था हालांकि, इसमें टीचर की कोई गलती नहीं थी। क्योंकि जांच के दौरान बच्चे के माथे पर चोट नहीं मिली थी और ना ही बच्चे ने दर्द की बात कही थी।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, शिक्षक की कोई गलती नहीं थी हालांकि, शिक्षक के साथ बदसलूकी की और मारपीट की। शुक्रवार को प्रदर्शन में लोगों ने रामपुर के चौधरी अड्डे से मुख्य बाजार होते हुए डीएवी स्कूल तक रैली निकाली और स्कूल प्रबंधन पर गुंडा तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और इस पर स्पष्टीकरण मांगा।

पंचायत समिति सदस्य, तुनन, बाड़ी, जगातखाना मीना जोशी  ने कहा कि “अगर स्कूल में शिक्षक सुरक्षित नहीं हैं, तो वहां बच्चे कैसे सुरक्षित रह सकते हैं? स्कूल प्रबंधन इस मामले में चुप क्यों है?” पंचायत प्रधान ने भी कहा कि वह जांच से सतुंष्ठ नही है, क्योंकि मामले को लेकर अब तक आरोपियों ने अपना पक्ष नहीं रखा है। उधर, डीएवी प्रबंधन की टीम स्कूल में जांच की और साथ ही लोगों से बातचीत की।

गौरतलब है कि इस मामले में पीड़ित टीचर ने बाद में स्कूल से इस्तीफा दे दिया था हालांकि, एक सप्ताह बाद मामले में केस भी दर्ज करवाया था। शुरुआत में टीचर ने केस दर्ज नहीं करवाया था और कहा था कि वह केस का खर्चा वहन करने में सक्षम नहीं हैं। पीड़ित ने मामले में रचोली के हार्डवेयर दुकानदार प्रदीप चौहान और उनके पिता पर मारपीट के आरोप लगाए हैं और केस दर्ज करवाया है।

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