शिमला – नितिश पठानियां
राजधानी शिमला में जल प्रबंधन कंपनी ने पानी के बिल जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके तहत अगले 15 से 20 दिनों तक शहर के हजारों उपभोक्ताओं को न ही पानी के बिल आएंगे और न ही पानी के बिलों की पेमैंट ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा होगी।
कंपनी ने फिलहाल पेमैंट जमा करने व बिलिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। जल प्रबंधन कंपनी का कहना है कि शहर में वाटर बिलिंग सिस्टम और पेमैंट कलैक्शन साॅफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत किसी भी उपभोक्ता को न ही पानी के बिल जारी होंगे और न ही कोई भी पानी का बिल जमा कर सकेगा।
कंपनी का पूरा सिस्टम अभी अपडेशन प्रक्रिया से गुजर रहा है, ऐसे में कंपनी ने बिलिंग और पेमैंट प्रक्रिया को फिलहाल अगले 15 से 20 दिनों के लिए आम पब्लिक के लिए बंद कर दिया है। इस प्रक्रिया में 20 दिनों से ज्यादा का समय भी लग सकता है।

ऐसे में जैसे ही साॅफ्टवेयर अपग्रेड हो जाएंगे वैसे ही जल प्रबंधन कंपनी उपभोक्ताओं को पानी के बिल जारी कर देेगी और ऑनलाइन और कैश काऊंटरों पर पानी के बिल जमा हो सकेंगे। जल प्रबंधन कंपनी अपने बिलिंग साॅफ्टवेयर को अपग्रेड करने में लगी हुई है। इसके लिए पिछले कई महीनों से प्रक्रिया चली आ रही है।
पूरे डाटा को ऑनलाइन किया गया है। इसी के तहत ही उपभोक्ताओं को बिल जारी किए जाते हैं, लेकिन इसमें कुछ खामियां सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल जारी हो रहे थे। ऐसे में भविष्य में उपभोक्ताओं को बिलों में कोई त्रुटियां नहीं मिले, इसके लिए कंपनी अतिआधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर साॅफ्टवेयर को अपग्रेड करने में जुटी हुई है।
राजधानी शिमला में 35 हजार से अधिक पानी के कनैक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं को कंपनी हर महीने पानी के बिल जारी कर रही है, इसमें से 10 हजार के करीब कमर्शियल कनैक्शन हैं, जिन्हें कमर्शियल दरों पर पानी के बिल कंपनी जारी करती है।

