मंडी – अजय सूर्या
प्रदेश सरकार द्वारा लोक अदालतों के माध्यम से लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर चलाई गई मुहिम को धर्मपुर उपमंडल की संधोल तहसील में गति न मिल पाने पर जिला प्रशासन ने कड़े तेवर दिखाए हैं और इसी कड़ी में वहां तैनात तहसीलदार से जवाब तलब किया है।
बता दें कि गत माह डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने 23 और 24 अगस्त को उपमंडल की संधोल, धर्मपुर, टिहरा और मंडप तहसीलों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं उपलब्ध कराने की सोच को धरातल तक उतारने में राजस्व अधिकारियों से निष्ठा और तत्परता दिखाने का आह्वान किया था।
बावजूद इसके संधोल क्षेत्र से नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ग्रामीणों के इंतकाल, निशानदेही और तकसीम आदि राजस्व मामलों के निपटारे लगभग शून्य हो चुके हैं। लोगों का आरोप था कि तहसील दफ्तर में तैनात अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते हैं तथा ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
उक्त तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार का पद रिक्त होने से लंबित मामलों की फेहरिस्त में दिनोंदिन बढ़ौतरी हो रही थी। कार्यालय पोर्टल में प्रमाण पत्रों और दूसरे लंबित मामलों को लेकर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उक्त महिला अधिकारी समेत कई अन्य कर्मियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस संदर्भ में एसडीएम धर्मपुर जोगेंद्र पटियाल ने तहसीलदार संधोल को नोटिस जारी कर जनता को हो रही असुविधा पर कारण जानना चाहा है।

