रिवालसर/मंडी – अजय सूर्या
हिंदू धर्म में जहां गौ वंश को पुजा जाता था और बैलों को खेतो की जुताई की जाती थी लेकिन जब से ट्रैक्टर से खेतों को जोता जाता है तब बैलों को लोगों ने पालना छोड़ दिया है। जिससे आवारा घुम रहे बैल कभी नदी में कभी नालों में फंस जाते हैं।
आज भी कुछ लोगों में इंसानियत है। यही इंसानियत का सबुत आज नगर पंचायत रिवालसर में देखने को मिला। जहां शमशान घाट के पास फंसे एक बैल को गौ रक्षक दल टीम रिवालसर के सदस्यों ने व नगर पंचायत के कर्मचारियों के द्वारा इस बैल का रेसक्यू किया गया व इसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। जिसे पशु पालन विभाग की टीम ने इस बीमार बैल को दवाई देकर व इसके ज़ख्मों पर दवाई लगाई।
इस मौके पर नगर पंचायत रिवालसर के सचिव विनोद कुमार, गौ रक्षक दल की टीम व सफाई कर्मचारियों ने भरपूर सहयोग दिया। वहीं सरकार के द्वारा आश्वासन दिया जाता है की इन आवारा बैलों को गौ सदन में ले जाएंगे लेकिन जो इन बैलों को गौ सदन में ले जाते हैं, आधे रास्ते में ही छोड़ देते हैं और ये बैल राह चलते लोगों को मारते हैं। फसलों को खा कर खेतों को खाली कर देते हैं।

