पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने शिक्षा विभाग में नर्सरी टीचर्स और टीजीटी शिक्षकों की बैचबाईज भर्तियों पर देरी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में जेबीटी एवं शास्त्री जैसे पदों पर भर्तियों के न होने पर तो सरकार का यह तर्क माना भी जा सकता है कि मामला माननीय न्यायालय में याचिका दायर एवं स्थगन आदेश से नियुक्तियों को लेकर देरी हो रही है।
लेकिन नर्सरी टीचर्स भर्ती के लिए केंद्र सरकार से पिछले तीन सालों से लगातार बजट मिलने पर भी नियुक्तियों को लेकर सरकार पोलिसी बनाने में असफल रही और टीजीटी शिक्षकों की बैचवाईज भर्ती को लेकर लगभग तीन माह पूर्व समस्त औपचारिकताएं पूरी कर लेने पर भी नियुक्तियां ना कर पाने के पीछे आखिरी सरकार की मंशा क्या है यह समझ से परे है।
साधू राम राणा ने कहा कि जब कोई विधायक या सांसद का पद रिक्त होता है तो उसे छः माह के भीतर भरने का कानूनी हवाला देकर चुनाव कराकर भर दिया जाता है लेकिन सरकारी कर्मचारियों के सालों साल अवधि से रिक्त पड़े पदों को भरने केलिए कोई समय सीमा सरकार द्वारा तयशुदा नहीं की गई है बल्कि उल्टा लंबे समय तक खाली पड़े पदों को डांईग कैडर पोलिसी के अंतर्गत समाप्त ही कर दिया जाता है।
अतः सरकार से मांग की जाती है शिक्षा विभाग विवादरहित नर्सरी टीचर्स एवं टीजीटी के पदों को अभिलंब भरने की स्वीकृति शिक्षा विभाग को दी जाए ताकि आगामी शिक्षा सत्र की शुरुआत में पढ़ाई को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु सरकारी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध हो सकें।

