अनुसूचित जाति के शख्स को ऑरिएंटल इंश्योरेंस ने नहीं दिया बकरियों की मौत का क्लेम।
नाहन, 3 अक्तूबर – नरेश कुमार राधे
सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के साथ-साथ किसानों के लिए कई योजनाएं बनाती है, लेकिन धरातल पर इसे क्रियान्वित करने वाली एजेंसियां मनमर्जी करती हैं।
पच्छाद उपमंडल की गागल शिकोर पंचायत के धंधोलीघाट के रवि दत्त पुत्र रामनाथ की आपबीती इसे प्रमाणित भी करती है।
दरअसल, रवि दत्त ने 11 बकरियां खरीदी थी। इसका बीमा ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से करवा लिया। दिसंबर 2022 में बीमारी के कारण 10 बकरियों की मौत हो गई, केवल एक ही बकरी जीवित रही।
रवि दत्त द्वारा ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी पर बकरियों के बीमे की राशि का दावा किया। इसके बाद बीमा कंपनी ने तीन बकरियों की बीमा राशि तो अदा कर दी, लेकिन सात बकरियों की बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा।
करीब 10 महीने से रविदत्त इधर से उधर भटक रहा है, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा। मंगलवार को रविदत्त ने इस बारे उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपा, साथ ही संबंधित विभाग के उपनिदेशक से भी बात की।
फिलहाल, इस मामले में ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है, यदि मिलती है तो प्रकाशित की जाएगी।
बहरहाल, इस तरह के मामलों में सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए, क्योंकि इसके भुगतभोगी धनाढ़य नहीं, बल्कि गरीब पशुपालक व किसान होते हैं।

