शिमला, 22 सितंबर – नितिश पठानियां
प्रदेश भर से सैकड़ों मिड-डे मील वर्करों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के बाहर हल्ला बोला और सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांगों को सुना नहीं जाता है तो यह धरना बड़े आंदोलन का रुख ले लेगा।
मिड डे मिल वर्कर्स यूनियन की प्रदेश महासचिव हिम्मी देवी ने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को पिछले 5 महीना से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो वेतन दिया जा रहा है वह नकाफी है। उन्हे 11,250 न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए जिससे वह भी अपने परिवार का पालन पोषण कर सके।
उन्होंने बताया कि उनके लिए छुट्टियों का प्रावधान नहीं हैं। 25 बच्चों वाले स्कूलों में एक और 26 बच्चों की संख्या वाले स्कूलों में दो वर्कर्स है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में दो वर्कस की नियुक्ति की जानी चाहिए।
हिम्मी देवी ने मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर राज्य में भी मिड डे मील वर्कर के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी मिलनी चाहिए। ये सब मांगे पिछले बीस सालों से अपनी सेवाओं के दौरान लगातार उठाई जा रही है लेकिन पूरी नहीं हो पाई है। कहा कि अगर अब भी अनसुना की जाती है तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाए

