मंडी – अजय सूर्या
आईआईटी मंडी में प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ संस्थान के सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग करने की संगीन घटना हुई है। इसके बाद आईआईटी प्रबंधन ने 10 छात्रों का निष्कासन करने के साथ ही 72 छात्रों 15 से 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाकर कार्रवाई की है।
10 छात्रों को 6 महीने के लिए निलंबित किया गया। इसके साथ ही जिन छात्रों को जुर्माना लगाया गया है, उन्हें कम्युनिटी सर्विस करने की भी सजा दी गई है। आईआईटी प्रबंधन ने इस सारे मामले को बड़ी गंभीरता से लिया है और आरोपी छात्रों के अभिभावकों को भी तलब किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला 11 अगस्त का है।
जानकारी के अनुसार सीनियर छात्रों ने आईआईटी मंडी के प्रथम वर्ष के छात्रों को फ्रेशर पार्टी करने के बहाने बुलाया और उसके बाद उनके साथ रैगिंग की गई। नए वर्ष के छात्रों को मुर्गा बनाया गया। उनकी उठक बैठक करवाई गई और दीवार के तरफ मुंह लगाकर घन्टो खड़ा रखा गया। उन्हें अपशब्द कहने के साथ ही गंदे इशारे तक किए गए।
यह सब करने से पहले नए छात्रों के फोन भी बंद करवा दिए गए। यह मामला जब आईआईटी मंडी प्रबंधन के पास पहुंचा तो आईआईटी मंडी के एंटी रैगिंग सेल ने मामले की जांच की। जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज को देखा गया तो नए छात्रों के साथ रैगिंग होने की पुष्टि हुई।
जिसके बाद आईआईटी प्रबंधन ने 10 छात्रों को 6 महीने के लिए निष्कासित कर दिया है। उनसे छात्रावास भी खाली करवा दिए गए हैं। निष्काषित किये छात्रों में तीन छात्र संगठन के पदाधिकारी भी हैं। उन्हें भी पद से हटा दिया गया है। 72 छात्रों पर 15 से 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस मामले में अब आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा भी कुछ कहने से बचते नजर आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस मामले में खुद 20 अगस्त को संस्थान के सभी छात्रों को मेल कर कड़ी चेतावनी देते हुए कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि वरिष्ठों ने लक्ष्मण रेखा पार की है। इसलिए 72 छात्रों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।

