पांचवी कक्षा में पढ़ रहे भाई-बहन को नहीं समझ आया क्या करें, फिर किया दिमाग का इस्तेमाल
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला की राजकीय प्राथमिक विद्यालय संगड़ाह में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले जुड़वां बहन-भाई कामिनी और कार्तिक ने नकदी से भरा पर्स लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। ईमानदारी के साथ-साथ शानदार सूझबूझ भी पेश की है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह स्कूल जाते समय जुड़वां बहन-भाई को पुरानी तहसील के पास सड़क किनारे एक पर्स दिखाई दिया, उस समय यह सोचकर नहीं उठाया कि ये किसी का होगा। स्कूल में मैडम की डांट का डर भी था।
इसके बाद पर्स को सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे पांव से कर दिया। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अगर बच्चे सुरक्षित जगह पर्स को नहीं रखते तो कोई भी इसे उठा सकता था।
स्कूल पहुंचने पर यह बात टीचर को बतलाई। इसके बाद स्कूल शिक्षिका ने मल्टी टास्क वर्कर के साथ बच्चो को भेजा और पर्स उठाकर स्कूल में लाने को कहा। स्कूल से 5- 10 मिनट की दूरी पर उस जगह से पर्स को उठाया गया, जहां इसे सुरक्षित स्थान पर रखा था।
प्राथमिक पाठशाला में तैनात शिक्षिका वीना कपिला ने बताया कि पर्स स्थानीय निवासी राजेन्द्र सिंह का था। पर्स में 4000 रुपये की नकदी थी। पर्स को मालिक तक पहुंचा दिया गया है।

उन्होंने बच्चों कि ईमानदारी के लिए माता को फोन कर बधाई दी है हरिपुरधार क्षेत्र में रहने वाले बच्चों के पिता का कुछ साल पहले निधन हो गया था, बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी माता पर ही है।
उधर पुलिस थाना में तैनात होमगार्ड के जवान राजेंद्र ने बताया कि बीती रात को ड्यूटी के दौरान जेब से पर्स गिर गया था। उन्होंने बच्चों की ईमानदारी व कुशाग्र बुद्धि की सराहना की है।
नोट : इन बच्चों के पिता का निधन कुछ साल पहले हो गया था और इनकी माता हॉस्टल में बच्चों के लिए खाना बनाने का काम करते हैं जो लड़कियां हॉस्टल में रहती है और विधवा पेंशन से खर्चा चलाती है।

