मंडी- अजय सूर्या
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट पर करीब तीन किलोमीटर लंबी औट टनल में पिछले 15 दिनों से घुप अंधेरा छाया हुआ है। टनल के भीतर पहाड़ी में पानी का रिसाव लगातार जारी है, जबकि सुरंग के अंदर दीवारों पर जमी कार्बन की परतें और परेशान कर रही हैं।
टनल का सफर दो सप्ताह से वाहन चालकों तथा आम लोगों को परेशान कर रहा है। तीन किलोमीटर की इस अंधेरी गुफा में सफर से यात्रियों की सांसे थम रही हैं, परंतु कुल्लू-मनाली की तरफ जाने का एकमात्र यही माध्यम है। हर यात्री इसी गुफानुमा ट्रैफिक टनल से गुजरने को विवश है।
बरसात के मौसम में ट्रैफिक टनल हर वर्ष खतरा उत्पन्न करती है। बिजली बोर्ड द्वारा बनाई गई इस सुरंग में पानी का रिसाव इतना है कि तीन किलोमीटर के दायरे के भूगर्भ में पानी ही पानी टपक रहा है, जिससे सुरंग के भीतर हर वक्त दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
उल्लेखनीय यह है कि सामरिक दृष्टि से बनाई गई यह यातायात सुरंग सेना के लिए सीमा पार जाने एवं बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए एकमात्र सहारा है। और तो और बंजार व सैंज के लोगों के लिए भी यह मुख्य मार्ग है। आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी इस सुरंग में हो रहे भारी रिसाव के चलते टनल धंसने का भी खतरा बना हुआ है।

