दो दिन में करीब 3,000 से अधिक वाहन मनाली से निकाले गए। हालांकि वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बेकाबू हो गई। सरसेई से रायसन के नए पुल तक के करीब 30 किलोमीटर के दायरे में जाम में फंसे वाहनों की लाइनें लग गईं।
कुल्लू – अजय सूर्या
ब्यास नदी में आई बाढ़ के कारण फंसे पर्यटक अब मनाली से लौटने लगे हैं। प्रशासन ने कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग को अरछंडी से रायसन पुल होकर बहाल कर दिया है। रातभर पर्यटक भूखे-प्यासे गाड़ियों में फंसे रहे।
यातायात बहाल होते ही हजारों पर्यटक मनाली से लौटने शुरू हो गए। कुल्लू पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लग गया। रास्ते में बने ढाबों में मैगी आदि का इंतजाम कर पर्यटक आगे बढ़ते गए।
दो दिन में करीब 3,000 से अधिक वाहन मनाली से निकाले गए। हालांकि वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बेकाबू हो गई। सरसेई से रायसन के नए पुल तक के करीब 30 किलोमीटर के दायरे में जाम में फंसे वाहनों की लाइनें लग गईं।
हालात ये थे कि दो घंटे के सफर को पूरा करने में 10 से 12 घंटे लग गए। मौसम खुलते ही प्रशासन ने जगतसुख और रायसन के नए पुल यातायात के लिए अस्थायी तौर पर खोल दिए हैं।
दोनों पुलों के आसपास मिट्टी और कंक्रीट डालकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है। अरछंडी से वाहन रायसन पुल से राइटबैंक की ओर जा रहे हैं। लेकिन सड़क तंग होने के कारण यहां जाम की स्थिति बन गई।
वामतट मार्ग पर भी जगह-जगह सड़क धंस गई है। कई जगह भूस्खलन हुआ है और इस वजह से जाम लग गया। जीवन ने बताया कि जाम इतना अधिक था कि वाहन घंटों रेंगते रहे। बुधवार को भी जाम ऐसा ही देखने को मिला।

