शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के बाद दुश्वारियां कम नहीं हो पाई हैं। हजारों गांवों में बिजली-पानी के लिए हाहाकार है। कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है।
वहीं, शिमला जिले में रामपुर के समीप नोगली में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे-5 पर अनियंत्रित होकर एक कार सतलुज नदी में जा गिरी। कार में सवार चार लोग नदी में लापता बताए जा रहे हैं।
चंद्रताल में फंसे 300 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को बर्फ से लकदक चंद्रताल झील का हवाई सर्वेक्षण किया।
चंद्रताल में 300 लोग फंसे हुए हैं। आज शाम तक बचाव दल ने चंद्रताल पहुंचने का लक्ष्य रखा है ताकि लोगों को जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
भारी बारिश से किन्नौर जिले के सांगला बाजार में बुधवार दोपहर बड़ी मात्रा में मलबा आ गया। इससे व्यापक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि भारी बारिश से अचानक बाढ़ जैसे हालात हो गए और ऊपर की तरफ से बड़ी मात्रा मलबा सांगला बाजार में पहुंच गया। कई गाड़ियां भी मलबे में दब गईं। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व संचार सेवाएं ठप होने से लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
प्रदेश में फिर से भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल में प्रदेश फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 15 व 16 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई भागों में 18 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
आज किया जाएगा चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का रेस्क्यू
हिमाचल सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी और सीपीएस संजय अवस्थी ने 18 घंटे के कड़े संघर्ष के बाद देर रात बर्फ से ढके रास्ते को साफ करवाया। इसके बाद चंद्रताल पहुंचे।
जगत सिंह नेगी ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से मुख्यमंत्री को सूचित किया है। चंद्र ताल में फंसे यात्रियों को निकालने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है। अब चिंता की कोई बात नहीं है। भारतीय सेना ने भी चंद्रताल जाने से मना कर दिया था।

