
कई सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है। इनमें से ही एक है खरोह गांव में स्थित पटवार सर्किल। इस कार्यालय में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय है।
ऊना – अमित शर्मा
स्वच्छ भारत का नारा जोरशोर से लगाया जाता है, लेकिन कई सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है। खेती और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक योजनाएं बनाई और दावे किए लेकिन सरकारी कार्यालय मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं।
यह स्थिति है खरोह गांव में स्थित पटवार सर्किल की। इस गांव में गंगरेट, गिंडपुर मलौण और खरोह का पटवार सर्किल कार्यालय है। हैरत की बात है कि इस कार्यालय में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न शौचालय।
10 लाख में बना था पटवार सर्किल
कार्यालय में पुरुष स्टाफ के साथ महिला कर्मचारी भी तैनात है लेकिन वे कर्मचारी मूलभत सुविधा से वंचित हैं। पटवार सर्किल में अपने कार्य करवाने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
यह तब है जब सरकार ने भवन निर्माण पर भी लाखों रुपये खर्च किए हैं, पर शौचालय व पानी की व्यवस्था करना प्रशासन भूल गया।
खरोह का पटवार सर्किल वर्ष 2010 में बनकर तैयार हुआ था। इसे बनाने पर लगभग 10 लाख रुपये की लागत आई है लेकिन आज तक इसमें पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है।
क्या कहना है महिलाओं का
खरोह निवासी रीटा ठाकुर कहती हैं कि गांव से बाजार जाते हुए हमेशा लोगों को पटवार भवन के आगे खुले में बैठे देखा है। पीने के पानी के साथ बैठने की भी व्यवस्था भवन के आसपास नहीं है।
इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं खरोह निवासी कीर्ति मिन्हास का कहना है कि पटवार भवन में महिला कर्मचारी कार्यरत है।
अगर शौचालय नहीं है तो उन्हें ज्यादा परेशानी होती होगी, लेकिन पीने का पानी भी भवन के आसपास नहीं है। एक और निवासी किरण राणा ने बताया किपटवार भवन जाने से पहले पीने का पानी घर से ही लेकर जाना होता है।
शौच के लिए महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है क्योंकि भवन सड़क से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह सुविधा वहां उपलब्ध करवानी चाहिए।
