
वोट ज्वाली के लोगों से रोजगार के अवसर इन्दौरा के युवाओं के लिए करेंगे विकसित, विधानसभा के युवाओं के साथ अभी से न इंसाफी।
ज्वाली – अनिल छांगू
हिमाचल में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है और हर प्रत्याशी में प्रचार करना शुरू कर दिया है लेकिन इस प्रचार के दौरान एक ऐसा प्रत्याशी जो अपनी विधानसभा को छोड़ जहां के लोगों के वोटों से वह चुनाव जीतेगा। उस विधानसभा को छोड़ अन्य विधानसभा में विधान सभा मे उद्योग लगाने की बात करे तो क्या कहेंगे ।
जी हां बात कर रहे है ज्वाली विधान सभा की जिसमें भाजपा उम्मीदवार ने जीत हासिल करने से पहले ही ज्वाली की अनदेखी भरा बयान देकर अपनी सोच को जगजाहिर कर दिया है।
भाजपा उम्मीदवार का कहना है अगर जीत हासिल हुई तो कन्दरोड़ी, डमटाल व लोधवां में उद्योग लगाकर युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाएगा, वहीं नूरपुर के 60 हजार युवाओं को रोजगार देने का वादा भी कर रहे हैं।
भाजपा उम्मीदवार के इस बयान से मतदाताओं में काफी रोष है क्योंकि भाजपा प्रत्याशी वोट ज्वाली के मतदाताओं से ले रहे हैं तथा ज्वाली में उद्योग खुलवाने की बजाए नूरपुर, डमटाल व लोधवां की पैरवी कर रहे हैं।
ज्वाली के युवाओं को रोजगार देने की बजाए नूरपुर के युवाओं को रोजगार देना कहां तक उचित है। यह बयान ज्वाली की अनदेखी को साफ जाहिर कर रहा है। क्या ज्वाली, नगरोटा सूरियां, कोटला में से कहीं बागी उद्योग नहीं लगाए जा सकते।
वहीं जब स्थानीय लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि भाजपा प्रत्याशी के इस क़द्दर व्यानवाजी बिल्कुल गलत है। ज्वाली विधानसभा में कोटला, नगरोटा सूरियां व ज्वाली में क्या कहीं भी उद्योग नहीं लगाए जा सकते क्या?
विधानसभा में कोई जगह नहीं है। वोट ज्वाली की जनता करेगी और रोजगार के अवसर इन्दौरा व नूरपुर के युवाओं के लिए विकसित होंगे। ये ज्वाली के युवाओं के साथ न इंसाफ है।
