
व्यूरो – रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल गरमा गया है। अब टिकट तय होने का इंतजार है। प्रत्याशी तय करने के लिए भाजपा पदाधिकारियों की वोटिंग के बाद सोमवार को दिल्ली में पार्टी चुनाव समिति की बैठक हुई। दिन में 10:30 बजे बैठक शुरू हुई और पूरा दिन टिकटों पर मंथन होता रहा।
हिमाचल चुनाव प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह की उपस्थिति में हुई बैठक में 68 सीटों पर मंथन किया। बताया जा रहा है बैठक में 30 सीटों पर पेंच फंस गया है। बाकी सीटों पर बैठक में सहममि बन गई है।
सर्वे ही बनेगा टिकट का आधार
कौन बेहतर प्रत्याशी हो सकता है, इस पर सभी ने तर्क रखे। भाजपा के आला नेताओं ने समर्थकों के टिकट की पैरवी में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि, भाजपा में टिकट सर्वे के आधार पर ही मिलने हैं। पार्टी ने टिकट आवंटन के लिए पांच सर्वे किए हैं।
आंतरिक चुनाव में उभरे नए नाम
रविवार को पार्टी ने जो आंतरिक चुनाव करवाए हैं, इसमें भी कई नाम ऐसे हैं, जो पार्टी के सर्वे में नहीं थे। इसलिए अब हाईकमान भी सकते में है। जीतने वालों के नाम तय करना चुनौती बन गया है। इन सीटों का अलग से पैनल तैयार किया जा रहा है। इसे भाजपा के संसदीय बोर्ड में लाया जाना है। संसदीय बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कल जारी हो सकती है पहली सूची
संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद ही पार्टी की ओर से बुधवार को प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की जा सकती है।भाजपा इस बार तीन चरणों में सूची जारी कर सकती है। पार्टी ने जो सभी पदाधिकारियों से रविवार को वोटिंग करवाई है उसको भी सर्वे के साथ रखा है। अब इस आधार पर टिकटों का आवंटन किया जाना प्रस्तावित है।
सबको चौंकाने वाली होगी सूची
इस बार भाजपा प्रत्याशियों की सूची नेताओं, सभी राजनीतिक जानकारों सहित जनता को चौंकाने वाली हो सकती है। भाजपा ने जिस तरह से पड़ोसी राज्यों में प्रयोग किया है। हिमाचल में भी इस तरह से प्रयोग किया तो कई दिग्गजों के हलके बदले जा सकते हैं। कई विधायक तो सूची से गायब भी हो सकते हैं।
हरियाणा भवन में जयराम, अनुराग और बिंदल की मंत्रणा
चुनावी दौर में शुरू हुई टिकटों की दौड़ के दौरान सोमवार दोपहर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के बीच हरियाणा भवन में लंबे समय तक बैठक हुई।
इस दौरान टिकटों पर मंत्रणा की गई। कैसे हिमाचल में बेहतर प्रबंधन के साथ चुनाव में जीत हासिल की जा सकती है, इस पर भी चर्चा हुई।
