4,226 आंगनवाड़ी केंद्रों में होंगे विशेष कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति किया जाएगा जागरूक
धर्मशाला, 31 जुलाई – हिमखबर डेस्क
महिला एवं बाल विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ), कांगड़ा स्थित धर्मशाला द्वारा 1 से 7 अगस्त, 2026 तक पूरे जिला कांगड़ा में श्विश्व स्तनपान सप्ताहश् मनाया जाएगा। इस दौरान जिले के सभी 4,226 आंगनवाड़ी केंद्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का संचालन जिले की सभी 15 बाल विकास परियोजनाओं (सीडीपीओ) के माध्यम से किया जाएगा। सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं गांव-गांव और वार्ड-वार्ड पहुंचकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा उनके परिवारों को स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक करेंगी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवाओं तथा स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सकें।
अभियान के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें माताओं को बताया जाएगा कि नवजात शिशु को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। साथ ही शिशु को पहले छह माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाए तथा छह माह पूर्ण होने के बाद पूरक आहार शुरू करते हुए दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि माँ का दूध शिशु का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो उसे अनेक गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ-साथ उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि जिले की सभी 4,226 आंगनवाड़ियों के माध्यम से यह संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, सुरक्षित और कुपोषण-मुक्त जीवन की ओर अग्रसर हो सके।
विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जिलेभर में प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, स्तनपान परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच शिविर, सफल माताओं के अनुभव साझा करने के कार्यक्रम तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग एवं आशा कार्यकर्ताओं का भी सक्रिय सहयोग रहेगा।

