
मंडी, 16 नवंबर – अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने टिकट आवंटन को लेकर बड़ा उलटफेर किया। जहां एक तरफ 11 सेटिंग विधायकों के टिकट काटे गए, वहीं दो मंत्रियों के हल्के भी बदले गए।
भाजपा की इस रणनीति का खामियाजा ये हुए कि पार्टी में बागियों की कतार लंबी बन गई। वहीं कार्यकर्ता ऐसे भी है जो पार्टी के फैसलों से नाराज है, लेकिन पार्टी के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ रहे।
मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की एक पूर्व मंत्री का ऑडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। कथित तौर पर ये ऑडियो पूर्व में प्रदेश के मंत्री रह चुके गुलाब सिंह ठाकुर का बताया जा रहा है।
ऑडियो में मंत्री किसी कार्यकर्ता से बात करते हुए नाराजगी जता रहे है कि भारतीय जनता पार्टी ने पुराने आदमी को दरकिनार कर दिया और एक नए आदमी को जो पैसे वाला है, उसे टिकट दे दिया।
ऑडियो के मुताबिक, सबसे पहले फोन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उठाया जाता है। जिसमें वह कहते हैं कि “साहब बात करेंगे”। इसके बाद पूर्व मंत्री बातचीत करना शुरू करते हैं। सबसे पहले पूर्व मंत्री प्रदेश के चुनाव के हाल-चाल पूछते है।
मंत्री ने पूछा कि “कैसा चल रहा है इलेक्शन”। किस ओर झुकाव है। इस पर कार्यकर्ताओं का जवाब आता है, “इलेक्शन चल रहा है सर ठीक ठाक। आप बताओ”।
पूर्व मंत्री कहते हैं कि “भाजपा ने उनके साथ तो बड़ी ज्यादती की, एक पुराने आदमी को दरकिनार कर दिया और एक नए आदमी को, जो पैसे वाला है, जिसने पैसे की पेटियां दी, उसे टिकट दे दिया गया”। यही नहीं पूर्व मंत्री ने यह तक भी कह दिया कि “इसका बदला चुकाओ”।
ऑडियो के मुताबिक, सबसे पहले फोन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उठाया जाता है। जिसमें वह कहते हैं कि “साहब बात करेंगे”। इसके बाद पूर्व मंत्री बातचीत करना शुरू करते हैं। सबसे पहले पूर्व मंत्री प्रदेश के चुनाव के हाल-चाल पूछते है। मंत्री ने पूछा कि “कैसा चल रहा है इलेक्शन”। किस ओर झुकाव है।
इस पर कार्यकर्ताओं का जवाब आता है, “इलेक्शन चल रहा है सर ठीक ठाक। आप बताओ”। पूर्व मंत्री कहते हैं कि “भाजपा ने उनके साथ तो बड़ी ज्यादती की, एक पुराने आदमी को दरकिनार कर दिया और एक नए आदमी को, जो पैसे वाला है, जिसने पैसे की पेटियां दी, उसे टिकट दे दिया गया”। यही नहीं पूर्व मंत्री ने यह तक भी कह दिया कि “इसका बदला चुकाओ”।
हालांकि इसके बाद में कार्यकर्ता कहता है कि “आपको भी तो पार्टी ने टॉप पर रखा है,आप हमारे मंत्री रहे। इस पर पूर्व मंत्री का जवाब आता है कि “वह अपने बलबूते मंत्री रहे, किसी के एहसान नहीं किया, तभी तो हमें बाहर किया गया है”। दोनों के बीच बातचीत यही तक हुई। इसके बाद का ऑडियो फ़िलहाल सामने नहीं आया है।
उधर, भाजपा के किसी भी पदाधिकारी की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस ऑडियो से चर्चाओं का बाजरा गर्म है।
