देश को गांव में शहर “बडू साहिब” देने वाली पंचायत के बाशिंदे प्यासे

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सिरमौर- नरेश कुमार राधे

“जिस तन लागे सो तन जाने” यह कहावत सिरमौर के राजगढ़ खंड की पंचायत लाना भलटा में पूरी तरह से लागू होती है। जहां पर पेयजल की दो बूंद को ग्रामीण तरस रहे है। तीन दशकों से चली आ रही मांग के बाद भी पेयजल की समस्या हल नहीं हो पाई। पंचायत लाना भलटा के हजारों लोग आज भी पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं।

बता दे कि बडू साहिब भी इसी पंचायत का हिस्सा है,कलगीधर ट्रस्ट के ट्रस्टी काका वीर इस पंचायत का बतौर प्रधान दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके है। बडू साहिब इस समय मिनी टाउन के रूप में विकसित हो चुका है। ट्रस्ट ने अपने पेयजल की व्यापक स्तर पर व्यवस्था की हुई है।

बडू साहिब में ही एटरनल यूनिवर्सिटी के आलावा अकाल अकादमी के कैंपस है। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि रिमोट ग्रामीण क्षेत्र में बडू साहिब एक ऐसा स्थान है जहां दुनिया भर की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है।

ग्राम पंचायत लाना भलटा के गांव लाना मियू, मयूटा, कांश का खेच, मढारिया के ग्रामीणों ने बताया कि पानी के स्रोत्र होने के बावजूद भी 2 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जैसे-जैसे गर्मी शुरू होगी वैसे ही दिन प्रतिदिन लोगों को पानी की समस्या बढ़ने लगेगी। पहले गर्मी के समय सरकार के द्वारा खच्चर से पानी की ढुलाई की जाती थी, लेकिन अब कुछ सालों से ये भी बंद कर दिया गया है।

लोगों का कहना है कि मियू में हमारा खुद का पानी है, लेकिन इसे भी स्कीम द्वारा नहीं उठाया जा रहा है। जब भी  वो प्रशासन या नेता के पास जाते है, तो यही जवाब मिलता है कि डीपीआर बन रही है। वहीं प्राइमरी और मीडिल स्कूल के बच्चों को भी गर्मियों में पानी की समस्या से  परेशानी का सामना करना पड़ता है।

गांव में सड़कों के भी इतने खस्ताहाल है कि सड़क पर गाड़िया तो दूर पैदल चलने से भी लोग परहेज करते है। 2017 में उदघाटन के दिन ही बस दिखाई गई, लेकिन पांच सालों से कोई भी बस सुविधा नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि यह मांग दो-तीन दशकों से चली आ रही है, लेकिन सरकारें आती-जाती रही पर समस्या जैसी की तैसी बनी हुई है। यहां तक कि मौजूदा सरकार में बीजेपी की विधायक है, लेकिन गांव की समस्या को कोई नहीं समझ रहा है।

वार्ड सदस्य रोहित शर्मा व स्थानीय निवासी विद्यादत्त, मदन मोहन, बाबूराम, राजेश, ओमप्रकाश, धर्मदत्त, देवदत्त, रमेश दत्त, सुबोधकांत, प्रीतम सिंह, लेखराज, देवराज, नरेश, रतन सिंह, रघुवीर सिंह, बलिंद्र,एवं पपन सिंह आदि ने सरकार से गुहार लगाई है कि समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर गांव की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चुनाव का बहिष्कार किया जायेगा।

इसी बीच संपर्क किए जाने पर पंचायत के पूर्व प्रधान व कलगीधर ट्रस्ट के ट्रस्टी काका वीर ने कहा कि संस्था हर कदम पर मदद को तैयार है। उन्होंने कहा कि लोगो में आपसी विवाद की वजह से पेयजल योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। ट्रस्टी ने कहा कि पंचायत के स्कूलों को अपग्रेड करने में उनकी भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि संस्था स्कीम के लिए फंड भी उपलब्ध करवाने को तैयार है बशर्ते ग्रामीण एक जुटता से समस्या का हल करने का तरीका तलाशे। दीगर है कि बडू साहिब दिवंगत संत पद्मश्री बाबा इक़बाल सिंह जी की तपोस्थली रही है।

 

 

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