खड्डों में जगह-जगह रेत-बजरी के ढेर, नूरपुर में खनन अधिकारी का पद रिक्त
ज्वाली – अनिल छांगु
हिमाचल प्रदेश में एक तरफ तो सरकार ने अवैध खनन के चलते क्रशरों को बंद कर दिया है लेकिन क्रशर धड़ल्ले से चल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ट्रैक्टरों द्वारा खूब खनन किया जा रहा है।
उपमंडल के अंतर्गत कोटला, मिनी हरिद्वार ज्वाली, देहर खड्डए, मैरा खड्ड, गज खड्ड, मंजूही खड्ड, सहित कई खड्ढों में हर रोज सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियां भरकर माफिया खड्डों का सीना छलनी करके अवैध खनन कर रहा है। लेकिन ज्वाली पुलिस प्रशासन व खनन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। नूरपुर में खनन अधिकारी का पद रिक्त है। अब खनन माफिया पर लगाम कौन लगाएगा।
बुद्धिजीवियों का कहना है कि प्रशासन और बेलचा माफिया की आपसी सांठगांठ से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ज्वाली उपमंडल में ज्यादातर खनन माफियाओं ने सडक़ों के किनारे या सरकारी भूमि पर रेत, बजरी के बड़े.बड़े ढेर लगाकर डंप किए हुए हैं लेकिन न तो यह खनन अधिकारियों को दिखते हैं और न ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को नजर आता है।
सरकार भी माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। बुद्धिजीवियों ने कहा कि जवाली में तो करोड़ों की लागत से निर्मित गौ सेंक्चुरी हार के पास भी खनन माफिया खनन करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग की है कि खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए खनन अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं।
जिला खनन अधिकारी राजीव कालिया के बोल
इस संबंध में जिला खनन अधिकारी धर्मशाला राजीव कालिया ने कहा कि खनन माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या कहते हैं एसपी अशोक रत्न
इस संबंध में एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि हमें जब भी कोई शिकायत मिलती है तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इन बेलचा माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

