हिमखबर डेस्क
जिला शिमला के थाना जुब्बल में दर्ज चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जांच के दौरान बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस ने तरुण ठाकुर (उम्र 33 वर्ष) नामक आरोपी को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।
आरोपी तरुण ठाकुर गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर का निवासी है और वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रोहड़ू शाखा में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था।
पुलिस जांच में पता चला कि वह मादक पदार्थ चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में सक्रिय रूप से संलिप्त था। उसका सीधा संपर्क पंजाब के अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेन-देन भी हुए, जो इस अवैध नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।

मामले की समयरेखा और पिछली गिरफ्तारियां
- 9 फरवरी 2026: थाना जुब्बल पुलिस ने एक स्थानीय महिला आरोपी को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। यहीं से मामले की जांच शुरू हुई।
- 17 मार्च 2026: बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी (अमृतसर, पंजाब) को गिरफ्तार किया गया।
- 6 अप्रैल 2026: फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर तीन अन्य आरोपियों आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश को गिरफ्तार किया गया।
- 16 अप्रैल 2026: अब तक की सबसे नई गिरफ्तारी तरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया गया।
इस प्रकार इस संगठित चिट्टा तस्करी नेटवर्क में कुल 6 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पंजाब से सप्लाई, हिमाचल में वितरण और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की स्पष्ट कड़ियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हो गया है।
एसएसपी शिमला ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि नशे के खिलाफ अभियान पूर्ण रूप से जारी रहेगा। आरोपी तरुण ठाकुर को आज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का संदेश
यह गिरफ्तारी इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आरोपी एक सरकारी बैंक में जिम्मेदार पद पर तैनात था। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नशे के कारोबार से दूर रहें, क्योंकि इससे न केवल खुद बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होता है।

