ग्राम कंडेरी की वर्षों पुरानी सड़क की मांग – अब और अनदेखी नहीं!

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चम्बा – भूषण गुरुंग

जिला चम्बा का जनजातीय क्षेत्र के ग्राम कंडेरी में एक बेहद दुखद और चिंताजनक स्थिति देखने को मिली। गांव के एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को चारपाई पर कंधों के सहारे कई किलोमीटर तक पैदल लाना पड़ा। यह दृश्य किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की वर्षों से चली आ रही पीड़ा को दर्शाता है।

ग्राम कंडेरी एक जनजातीय बहुल गांव है, जहां सभी ग्रामीण अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंध रखते हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी यहां सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि कागज़ों में सड़क बनने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांव तक पहुंचने के लिए केवल एक संकरी और खतरनाक पगडंडी है, जिस पर सामान्य व्यक्ति का चलना भी मुश्किल है। ऐसे में मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से विनम्र आग्रह है कि ग्राम कंडेरी की वर्षों पुरानी सड़क की मांग को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। गांव तक मोटर योग्य सड़क का निर्माण करवाकर इस जनजातीय गांव के लोगों को उनके मूलभूत अधिकार से वंचित न रखा जाए।

आज एक मरीज को कंधों पर घर लाना पड़ा, कल किसी की जान भी जा सकती है। अब समय आ गया है कि कागज़ों की सड़क नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक सड़क बने इंतजार नहीं।”

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