एशियाई खेलों में पदक जीतकर चंबा का नाम रोशन करने वाली सीमा कुमारी दिल्ली जाने को लेकर उत्साहित हैं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान वह चंबा के संघर्ष और अपनी सफलता की कहानी साझा करेंगी।
चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले के गांव रेटा की धाविका सीमा कुमारी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में केंद्र सरकार की नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सीमा ने बताया कि एशियन गेम्स समाप्त हो चुके हैं और खिलाड़ी अपने-अपने घर लौट रहे हैं।
उन्हें उम्मीद है कि पदक विजेता अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें भी मिलने के लिए दिल्ली बुलाएंगे। सीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री चंबा जिला आ चुके हैं और वह उन्हें चंबा की खूबसूरती और यहां के संघर्ष के बारे में बताना चाहती हैं।
चंबा देश के आकांक्षी जिलों में शामिल है। यहां की भौगोलिक परिस्थिति बेहद कठिन है। कई गांवों तक अभी सड़कें नहीं हैं व लोग पैदल आवाजाही करते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता केसरी देवी, जिलावासियों, एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया, साई और केंद्रीय खेल मंत्री को दिया।
सीमा ने कहा कि इन सभी के समर्थन के कारण ही उनका हूनर गांव से निकलकर देश-विदेश में पहुंचा है। चंबा कालेज से स्नातक की पढ़ाई कर चुकी सीमा ने कहा कि देश ने उन्हें बहुत उत्साह दिया है। उनका मानना है कि खेलों में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सामूहिक समर्थन और प्रेरणा का भी परिणाम है।
सीमा की कहानी न केवल उनकी मेहनत और संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे सही नीतियों और समर्थन से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
वहीं, उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का भी डेढ़ करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी काफी मदद की है।

