एक साल, दो नौकरियां!  पच्छाद के सचिन पंवार ने CISF के बाद अब स्पेशल एजुकेटर में हिमाचल में हासिल की तीसरी रैंक

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पच्छाद के सचिन पंवार ने एक साल के भीतर दो सरकारी नौकरियां हासिल कर अपनी मेहनत का परिचय दिया है, CISF में चयन के बाद अब उन्होंने स्पेशल एजुकेटर भर्ती में हिमाचल प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल की है।

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

सिरमौर जिले के पच्छाद क्षेत्र के रजालग गांव निवासी सचिन पंवार ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वीरेंद्र दत्त के बेटे सचिन पंवार का चयन हिमाचल प्रदेश में स्पेशल एजुकेटर के पद पर हुआ है। उन्होंने इस चयन में प्रदेशभर में तीसरी रैंक हासिल की है।

सचिन का चयन स्पेशल एजुकेटर बैच 2020-2022 के तहत हुआ है। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force) की ट्रेनिंग के दौरान हासिल की।

सचिन पंवार के पिता वीरेंद्र दत्त किसान हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले सचिन ने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने घर पर रहकर मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों से अपनी तैयारी जारी रखी।

कई बार असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए लगातार मेहनत जारी रखी। सचिन पंवार ने बताया कि उन्होंने नाहन में रहकर भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी। जनवरी 2026 में उनका चयन CISF कांस्टेबल (GD) के पद पर हुआ।

इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए भिलाई, छत्तीसगढ़ भेजा गया। वर्तमान में वह CISF प्रशिक्षण से गुजर रहे हैं। इसी प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्होंने स्पेशल एजुकेटर की परीक्षा में सफलता हासिल की और हिमाचल में तीसरी रैंक प्राप्त की।

सचिन के लिए वर्ष 2026 उपलब्धियों से भरा रहा है। इसी साल उन्होंने दूसरी सरकारी नौकरी हासिल की है। एक ओर जहां उन्होंने CISF में चयन पाकर केंद्रीय सुरक्षा बल में जगह बनाई, वहीं दूसरी ओर स्पेशल एजुकेटर के पद पर चयनित होकर शिक्षा क्षेत्र में भी अपना भविष्य बनाया है।

सचिन का कहना है कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन, आत्मअनुशासन और सही दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों का सही इस्तेमाल करते हुए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। उनकी सफलता पच्छाद क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।

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