वरिष्ठ नागरिक समाज का अहम हिस्सा, उनके अनुभवों से लें सीख: अतिरिक्त उपायुक्त
हिमखबर डेस्क
जिला कांगड़ा में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण एवं उन्हें सक्रिय और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य कार्ययोजना एसएपीएसआरसी के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने की।
बैठक में अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत कांगड़ा जिले को स्वीकृत 10.05 लाख रुपये की राशि से विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्ययोजना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उत्पादक गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों, अंतरपीढ़ी संवाद, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा पौधरोपण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का अहम हिस्सा हैं, समाज को उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार वृद्धजनों को इस डिजिटल युग में उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक ऐसे कार्यक्रम चला रही है जिससे वे समाज को अपने अनुभवों का लाभ दे सकेें।
उन्होेंने कहा कि जिला कांगड़ा में वृद्धजनों के लिऐ उत्पादक वृद्धावस्था के अंतर्गत तीन सात दिवसीय कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें कुल 150 वरिष्ठ नागरिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यशालाओं का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को आजीविका एवं उत्पादक गतिविधियों से जोड़ना और उनके कौशल का उपयोग सुनिश्चित करना है। इनका आयोजन वरिष्ठ नागरिक गृहों, डे-केयर सेंटरों, वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्रों आदि में एचपीएसआरएलएम के सहयोग से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विषयों को लेकर चार एक दिवसीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें पुलिस, वार्ड एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक कर्मचारियों, युवाओं तथा सामुदायिक संगठनों को शामिल किया जाएगा।
विनय कुमार ने कहा कि अंतरपीढ़ी संबंधों को मजबूत करने के लिए सात कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच ज्ञान एवं कौशल का आदान-प्रदान, कला-संस्कृति, नृत्य-संगीत, चित्रकला, क्विज, खेल एवं साॅफ्ट स्किल, बागवानी, पाक कला, पुस्तक एवं कविता पाठ तथा कहानी वाचन जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दो स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिमेंशिया स्क्रीनिंग के साथ-साथ विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन होगा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आॅर्थोपेडिक, ईएनटी, नेत्र रोग तथा सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा। मोतियाबिंद सर्जरी के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों की पहचान भी इन शिविरों में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को इस डिजिटल युग में समाज और तकनीकी से साथ चलने में डिजिटल साक्षरता अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण, शारीरिक एवं मानसिक कौशल सुधार तथा नृत्य, कला एवं संगीत थेरेपी से संबंधित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधरोपण अभियान भी आयोजित किया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को कार्ययोजना के तहत सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, अतिरिक्त एसपी आर. पी. जसवाल, सचिव जिला रेडक्रास ओम प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

