धर्मशाला विधानसभा बनती जा रही हाट सीट,भाजपा व कांग्रेस में टिकट को लेकर कई तैयार

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धर्मशाला – राजीव जस्वाल

धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र हाट सीट बनी हुई है। यहां पर सबसे ज्यादा वीवीआइपी मूवमेंट रहती है और यहां पर भाजपा व कांग्रेस सशक्त व मजबूत चेहरे पर ही दम भरना चाहती हैं। लेकिन यहां भाजपा व कांग्रेस में घमासान चला हुआ है और अपने ही संगठन में टिकट के कई दावेदार बैठे हैं जो अपनों को ही पटखनी भी दिलवा सकते हैं। भीतरघात का खतरा सबसे अधिक मंडरा रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा हाट व सबसे ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है।

भारतीय जनता पार्टी का संगठन यहां पर क्रमवार तरीके से काम कर रहा है और उभरने वाली चुनौतियों से निपट रहा है। जिसमें अभी हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राकेश चौधरी शामिल हैं, जिन्हें भाजपा में शामिल किया गया है।

ऐसे में जहां भाजपा में कई टिकट के तलबगार हैं वहीं कांग्रेस में भी घमासान कम नहीं है। धर्मशाला में प्रतिद्वंदी से भिड़ने से पहले खुद के संगठन के नाराज पदाधिकारियों व नेताओं के साथ तालमेल बैठाना होगा। जो संगठन अपने लोगों को साध पाएगा जनता के शीर्ष पर बैठेगा।

भाजपा में विशाल नैहरिया की राह में कई अपने अवरोधक

भारतीय जनता पार्टी से धर्मशाला में वर्तमान विधायक विशाल नैहरिया के मार्ग में कई अपने ही अवरोधक हैं। बीते दिनों दाड़ी में हुए हिमाचल के 75 वर्ष के कार्यक्रम समारोह का आयोजन हुआ। इसमें विपिन नैहरिया ने कार्यक्रम स्थल से 500 मीटर दूर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अपनी ताकत व शक्ति का प्रदर्शन किया।

राकेश चौधरी भी धर्मशाला भाजपा के लिए कील बने हुए हैं। ऐसे में वर्तमान मेयर ओंकार नैहरिया, संजय शर्मा, सचिन शर्मा, राकेश शर्मा भी टिकट की राह ताक रहे हैं। वहीं सांसद किशन कपूर के बेटे शाश्वत कपूर भी जनता में सक्रिय है और बैठकें कर रहे हैं।

धर्मशाला में सुधीर की राह में विजेंद्र कर्ण व देवेंद्र जग्गी

धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व वरिष्ठ नेता सुधीर शर्मा की राह में विजेंद्र कर्ण व देवेंद्र जग्गी अवरोधक बने हुए हैं। देवेंद्र जग्गी धर्मशाला शामनगर में विशाल बैठक करके जता चुके हैं कि मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

जबकि विजेंद्र कर्ण ने अपनी हार का ठीकरा ही सुधीर शर्मा का सिर पर फोड़ा था। विजेंद्र कर्ण का मत है कि जब उप चुनाव में जो नेता यहां से भाग गए थे अब उन्हें मौका कैसे मिल सकता है। वहीं विजेंद्र कर्ण का करना है कि वह पार्टी के सिपाही हैं और उन्होंने टिकट के लिए आवेदन किया है।

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