हिमाचल प्रदेश में नवरात्र के नौ दिनों के दौरान देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, करीब 10.25 लाख भक्तों ने दर्शन किए, जबकि लगभग एक लाख गाड़ियों से श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचे।
हिमखबर डेस्क
नवरात्र पर्व में हिमाचल के चार शक्तिपीठों समेत प्रमुख सात मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब दर्ज हुआ है। नौ दिनों की इस अवधि में प्रदेश के इन प्रमुख सात मंदिरों में सवा दस लाख से अधिक भक्तों ने मां के दर पर शीश झुका आशीर्वाद प्राप्त किया। इनमें सबसे अधिक श्रद्धालु शक्तिपीठ श्रीनयना देवी जी मंदिर में दर्ज हुआ, जहां चार लाख के आसपास भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचे।
प्रदेश के सात मंदिरों में एक लाख से अधिक वाहनों के जरिए श्रद्धालु देश के कोने-कोने से दर्शनों के लिए पहुंचे हैं। लिहाजा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन व्यवस्था के लिए हिमाचल पीठ की पुलिस थपथपाई है। राज्य सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के तहत नवरात्र पर्व के दौरान हिमाचल के प्रमुख सात मंदिरों में कुल 10,25,726 श्रद्धालुओं ने माथा टेका है।
देश के कोने-कोने से श्रद्वालु इन मंदिरों में पहुंचे और नौ दिनों की इस अवधि में 1,04,520 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई। आंकड़ों के तहत नवरात्रि के दौरान श्री नैना देवी जी मंदिर में सर्वाधिक 3,95,226 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके अतिरिक्त श्री ज्वालामुखी जी में 1,80,000, श्री चिंतपूर्णी जी 1,39,000, बाला सुंदरी जी त्रिलोकपुर 1,06,600, श्री चामुंडा देवी जी 70,500, ब्रजेश्वरी देवी जी में 69,400 और श्री बगलामुखी जी मंदिर में पर्व के दौरान श्रद्धालुओं का आंकड़ा 65,000 दर्ज किया गया है।
इस वर्ष शरदीय नवरात्रि पर्व का आयोजन 11 से 19 अक्तूबर तक रहा। हर वर्ष नवरात्र पर्व पर देश के कोने-कोने से भक्तों की भीड़ राज्य के मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचती है। लिहाजा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सुचारू दर्शन और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को भी खूब कसरत करनी पड़ती है।
लिहाजा प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए नवरात्रि पर्व पर आने वाले श्रद्वालुओं के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुचारू दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पवित्र धार्मिक स्थलों में लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर न्यासों, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों की सराहना की। जाहिर है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित इन मंदिरों तक पहुंचने वाले संकरे मार्गों और सीमित पार्किंग सुविधाओं के बीच श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या का व्यवस्थित प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था।
इसे ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, कतारों के संचालन तथा जनसुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए। इन प्रयासों से श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से और बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपने आराध्य के दर्शन कर सके।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन पुलिस कर्मियों के योगदान की सराहना की, जिन्होंने लंबे समय तक ड्यूटी पर तैनात रहकर यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने इस दौरान मंदिर प्रबंधन, स्वयंसेवकों, स्थानीय निवासियों तथा श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
सीएम ने प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से की अपील
मुख्यमंत्री सुक्खू ने नागरिकों एवं प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से अपील की कि पुलिस, अग्निशमन या एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सहायता की आवश्यकता होने पर वे चौबीसों घंटे उपलब्ध आपातकालीन हेल्पलाइन ईआरएसएस-112 का उपयोग करें।
पुलिस महानिदेशक ने सीएम का जताया आभार
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रोत्साहन पुलिस बल को जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण, संवेदनशीलता एवं व्यावसायिक दक्षता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने नवरात्रि के दौरान व्यवस्थाओं में तैनात संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, पर्यवेक्षण अधिकारियों तथा पुलिस कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस राज्य में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।



