
ब्यूरो – रिपोर्ट
पीजीआई इलाके में साधना सिंह हत्याकांड में आरोपी नाबालिग बेटे ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि उसने वारदात शनिवार रात तीन बजे के करीब की थी।
मां ने शनिवार रात को 8 बजे चोरी का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई की थी। कुछ देर बाद रुपये घर में मिल गए। इसके बाद भी मां नाराज थी।
मां की इस हरकत से वह काफी आहत हुआ। फिर करीब सात घंटे बाद रात ढाई से तीन बजे के बीच पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से मां को गोली मार दी। उसने बयान में कहा कि बिना किसी गलती के ही उसकी पिटाई होती थी।
वह मोबाइल पर अक्सर गेम और इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहता था, जिससे मां हमेशा नाराज रहती थी। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साधना की मौत तीन से सात दिन के अंदर की बताई गई है।
रिपोर्ट में दाहिनी कनपटी से गोली प्रवेश कर बाईं तरफ से निकल गई। अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक मंगलवार देर रात तक साधना की हत्या के आरोपी नाबालिग बेटे से पूछताछ की गई।
आरोपी ने कहा कि शनिवार शाम को मां के दस हजार रुपये कहीं गायब हो गए थे। तलाशने में नहीं मिले तो उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए पिटाई कर दी।
इसी बात से वह काफी नाराज था। रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच नींद खुली तो उसने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल आलमारी से निकाली, उसमें एक गोली लोड थी।
उसने मां की दाहिनी कनपटी पर सटाकर गोली मार दी, जिसकी आवाज सुनकर बहन की नींद खुली तो उसे धमकाकर दूसरे कमरे में ले जाकर लिटा दिया।
गुस्से में हरदम मां कहती थी- तुझे जहर देकर मार दूंगी
आरोपी नाबालिग ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह मोबाइल पर पबजी गेम खेलता था, जिससे मां नाराज रहती थी।
उसने कई बार मोबाइल से गेम भी डिलीट कर दिया था। लेकिन फिर से डाउनलोड कर लेता था। कई बार मोबाइल मां ने छीना भी था।
इसके अलावा दोस्तों के साथ खेलने घूमने पर भी उसे आपत्ति थी। अक्सर उसकी किसी न किसी बात पर पिटाई हो जाती थी।
कभी स्कूल से शिकायत आने पर तो कभी कोई और कारण होता था। कई बार मां ने गुस्से में कहा कि तुझे जहर देकर मार दूंगी। तुम्हारा गला घोंट दूंगी।
यह सब सुनकर कई बार गुस्सा आता था। उसने कुबूल किया इसी कारण से वह घर से पांच से छह बार भागा था। इस दौरान कई बार उसके मन में खुदकुशी करने का भी ख्याल आया।
पिछले साल घर से साइकिल लेकर निकला था। सोचा था कि अब घर वापस नहीं आऊंगा। लेकिन काफी देर तक घर नहीं आया तो मां ने पुलिस को सूचना दी। देर रात को पीजीआई पुलिस ने आलमबाग से पकड़ लिया। उसे घर पहुंचा दिया था।
दो रात दोस्तों के साथ घर में देखी मूवी
रविवार रात आरोपी ने एक दोस्त को बुलाया। उससे कहा मां बाहर गई है अकेले डर लग रहा है। दोनों ने रात में लैपटॉप पर फिल्म देखी। इसके बाद चिप्स खाया और कोल्डडि्रंक पी।
वहीं सोमवार रात दूसरे दोस्त को बुलाया। इसी दौरान उसने अपने दोस्त से कहा कि मां घर पर नहीं है, अपनी मां से कहकर हमलोगों का खाना बनवा दो।
आदर्श का घर कुछ दूरी पर था, इसलिए उसने खाना बनवा लिया। फिर देर शाम को आरोपी उसके घर गया।
दोनों वहां से खाना लेकर वापस आए। फिर बहन को खाना खिलाया। उसे दूसरे कमरे में सोने भेज दिया। फिर दोनों देर रात तक मूवी देखते रहे।
इस दौरान आदर्श ने उससे बदबू आने की बात कही तो आरोपी ने कहा कि पीछे के तालाब का पानी सड़ गया है। कई दिनों से इस तरह की बदबू आ रही है। इसके बाद रूम फ्रेशनर स्प्रे किया और दोनों फिल्म देखने लगे। मंगलवार सुबह आदर्श अपने घर चला गया।
बहन को साधना की दोस्त के घर छोड़ चला गया खेलने
आरोपी ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि वह रविवार को पूरे दिन घर में रहा। भाई-बहन दोनों दूसरे कमरे में थे। फिर शाम को आरोपी अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने चला गया।
खेलने जाते समय 9 साल की छोटी बहन को मां की करीबी दोस्त सीमा के घर पहुंचा दिया था। वहां भी कहा कि मां बाहर गई है। सीमा ने छोटी बहन को खाना खिलाया।
वहीं आरोपी ने अपने लिए देर रात को घर में रखे अंडे उबाले और चावल बनाकर खाया। सीमा ने बताया कि साधना के पति नवीन घर आने वाले थे। उनके मकान में ऊपर काम भी चल रहा था। रविवार को साधना नहीं आई तो लगा कि काम मे व्यस्त हो गई।
एक महीने से नहीं हुआ था मोबाइल रिचार्ज
आरोपी ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि वह मोबाइल पर पबजी का नया संस्करण बैटल ग्राउंड गेम खेलता था। पढ़ाई कम करने केकारण अक्सर स्कूल से शिकायत आती थी। जिसके कारण नाराज होकर मां ने एक महीने से मोबाइल रिचार्ज ही नहीं कराया।
इस संबंध में पिता से पुलिस ने पूछा तो वह भी आरोपी के मोबाइल पर गेम व इंस्टाग्राम की एक्टिविटी के बारे में जानते थे। पिता ने पुलिस को बताया कि स्कूल से अक्सर शिकायतें आती थी।
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
मालूम है फांसी होगी, जो किया ठीक है
आरोपी को बुधवार शाम को बाल न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे बाल सुधार गृह मोहान रोड भेजा गया। इसके पहले वह थाने में रहा। इस दौरान उसने कई लोगों से बातचीत भी की।
आरोपी ने पुलिसकर्मियों के सामने कहा कि मुझे मालूम है कि फांसी होगी, लेकिन मैने जो किया वह ठीक किया। वहीं पूछताछ में पुलिस के सामने कहा कि उसके मन में पहले भी कई बार ख्याल आया था, लेकिन नहीं कर सका।
