
शिमला – जसपाल ठाकुर
प्रदेश के स्कूलों में केंद्र सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत मिलने वाले बजट का पैसा पिछले फरवरी माह से स्कूलों को जारी नहीं हुआ है। इस कारण स्कूलों में मिड बनने वाले मिड डे मील पर संकट खड़ा हो गया है। हालत यह है कि शिक्षक बच्चों के लिए दोपहर में बनने वाले खाने का पैसा खुद ही चुका रहे हैं।
दूसरा लगातार शिक्षा विभाग के समक्ष यह मामला स्कूलों की ओर से उठाया जा रहा है लेकिन शिक्षा विभाग भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा। हालत ये है कि यह योजना पिछले तीन महीनों से उधारी या फिर शिक्षकों की जेब से चल रही है।
शिक्षकों की मानें तो महंगाई के दौर में मिड डे मील पुराने तय दामों में बनाना मुसीबत बना हुआ है और फरवरी के बाद मिड डे मील का राशन और गैस खरीदने के लिए आने वाली कुकिंग कॉस्ट की राशि जारी नहीं हुई है।
क्या कहते है अधिकारी
संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग भूवन शर्मा ने कहा कि मामला मेरे ध्यान में आया है। बजट न होने के चलते यह राशि जारी नहीं हो सकी है लेकिन स्कूलों को जल्द ही ये पैसा जारी कर दिया जाएगा।
